Friday, 23 August 2019

Now RuPay card will run in UAE, the problems of Indians will be overcome

संयुक्त अरब अमीरात RuPay कार्ड पेश करने वाला पश्चिम एशिया का सबसे पहला देश बनने जा रहा है. इसके बाद खाड़ी देश में रह रहे भारतीयों की दिक्‍कतें दूर हो जाएंगी. 


खाड़ी देश संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) में रह रहे भारतीय लोगों के लिए एक अच्‍छी खबर है. दरअसल, यूएई RuPay कार्ड पेश करने वाला पश्चिम एशिया का सबसे पहला देश बनने जा रहा है. जानकारी के मुताबिक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की खाड़ी देश की यात्रा के दौरान आज यानी शुक्रवार को RuPay कार्ड पेश किया जाएगा. 

RuPay कार्ड के लॉन्‍च होने के बाद यूएई में रह रहे भारतीय लोगों की दिक्‍कतें दूर होने की उम्‍मीद हैं. बता दें कि भारत के पर्यटक और नौकरी करने वाले लोगों के लिए यूएई पसंदीदा देश माना जाता है. ऐसे में इस बात की उम्‍मीद है कि जिन लोगों के पास भारत में पहले से RuPay कार्ड है वो यूएई में भी इसे एक्‍टिव रख सकेंगे. 

यूएई में भारत के राजदूत नवदीप सिंह सूरी के मुताबिक, ''नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया और यूएई की मरकरी पेमेंट्स सर्विसेज के बीच दोनों देशों में भुगतान प्लेटफार्म के लिए टेक्नोलॉजी 'इंटरफेस' स्थापित करने संबंधी एमओयू का आदान प्रदान किया जाएगा. यहां बता दें कि RuPay कार्ड अपनी तरह का पहला भारतीय घरेलू डेबिट और क्रेडिट कार्ड भुगतान नेटवर्क है. यह कार्ड एटीएम, पीओएस उपकरणों तथा ई-कॉमर्स वेबसाइट पर काम करता है. इसकी शुरुआत साल 2012 में हुई थी. बीते दिनों पीएम नरेंद्र मोदी ने भूटान दौरे के दौरान RuPay कार्ड को लॉन्‍च किया था. भूटान के अलावा सिंगापुर में भी यह कार्ड लॉन्‍च हो चुका है. 

क्‍या होता है RuPay कार्ड 

एटीएम या डेबिड कार्ड की तरह RuPay कार्ड होता है. यह भी ठीक वैसे ही काम करता है, जैसे वीजा और मास्‍टर कार्ड काम करता है. इस कार्ड की मदद से आप एटीमएम से पैसे भी निकाल सकते हैं. इसके अलावा ऑनलाइन शॉपिंग और पेमेंट करने जैसी सुविधाएं भी मिलती हैं. इसकी सबसे खास बात यह है कि अन्‍य कार्डों की तुलना में इसकी प्रोसेसिंग फीस काफी कम होता है. पहले यह कार्ड मुख्‍य तौर पर भारत में ही होने वाले ट्रांजैक्‍शन में मदद करता था लेकिन अब यूएई, भूटान और सिंगापुर जैसे देशों में भी कार्ड काम करेगा. 

अहम है पीएम मोदी का दौरा 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की यूएई की यात्रा आर्थिक और राजनीतिक रूप से भारत के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है. इससे द्विपक्षीय संबंधों को बनाए रखने व इसे आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी. पीएम की यूएई यात्रा तेल के अलावा अन्य कई क्षेत्रों में द्विपक्षीय संबंधों को बढ़ाने का काम करेगी. इनमें सुरक्षा, आतंकवाद विरोधी सहयोग, सैन्य सहयोग व इसमें भागीदारी बढ़ाने के साथ समुद्री हित शामिल हैं.बता दें कि पीएम मोदी यूएई के अलावा बहरीन और फ्रांस के दौरे पर हैं.

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