Saturday, 7 September 2019

The whole country was waiting with PM Modi and everything changed in the last 90 seconds

इसरो के चीफ के सिवन ने कहा था, आखिरी के 15 मिनट बेहद अहम होंगे. इनमें से लगभग 13 मिनट तक सबकुछ ठीक था, लेकिन आखिरी के 90 सेकंड में जो हुआ उससे चांद पर पहुंचने का सपना अधूरा रह गया. 

इसरो के अंदर का नजारा (फोटो-DD)

चंद्रमा की सतह से महज दो किलोमीटर पहले इसरो का संपर्क टूट गया 

13 मिनट तक सबकुछ ठीक था, लेकिन 90 सेकंड में सब बदल गया 

भारत के चंद्रयान-2 मिशन के लैंडर विक्रम से चंद्रमा की सतह से महज दो किलोमीटर पहले इसरो का संपर्क टूट गया. इसरो के चीफ के सिवन ने कहा था, आखिरी के 15 मिनट बेहद अहम होंगे. इनमें से लगभग 13 मिनट तक सबकुछ ठीक था, लेकिन आखिरी के 90 सेकंड में जो हुआ उससे चांद पर सफलतापूर्वक पहुंचने का सपना अधूरा रह गया. 

पूरे देश और पूरी दुनिया को जिस पल का इंतजार था वो आ गई थी. इसरो सेंटर में वैज्ञानिकों की नजरें अलग-अलग स्क्रीन पर टिकी थीं. आखिरी 15 मिनट में पीएम मोदी और इसरो चीफ सिवन की पलकें जैसे उस स्क्रीन पर गड़ी थीं जिस पर चांद की ओर बढ़ता लैंडर विक्रम दिख रहा था. सबके चेहरों पर जबरदस्त उत्सुकता थी. देशभर से आए स्कूली बच्चे उत्साहित थे, लेकिन चांद पर लैंडर की सॉफ्ट लैंडिंग से महज चंद सेकंड पहले वैज्ञानिकों के हाव-भाव बदल गए. 

पीएम ने वैज्ञानिकों को सराहा 

सबकी नजरें पीएम मोदी पर टिक गईं. उनके चेहरे पर भी उत्सुकता दिख रही थी. आखिरकार इसरो चीफ उनके पास आए और उन्हें ब्रीफ किया. इसके बाद पीएम मोदी वैज्ञानिकों के बीच से उठकर चले गए.जाते-जाते पीएम मोदी ने वैज्ञानिकों से कहा कि जीवन में उतार-चढ़ाव आते हैं, यह कोई छोटी उपलब्धि नहीं है. . 

करीब 25 मिनट तक जबरदस्त सस्पेंस बना रहा, लेकिन वैज्ञानिकों के चेहरे पर मायूसी से संकेत मिल गया था कि सबकुछ ठीक नहीं है. आखिरकार इसरो की तरफ से बताया गया कि लैंडर से संपर्क टूट गया है. 

आखिर क्या हुआ? 

दरअसल, इसरो चीफ ने जिस आखिरी 15 मिनट को सबसे अहम बताया था उसमें ही मिशन चंद्रयान-2 के सामने आई मुश्किल का राज छिपा था. रात 1 बजकर 38 मिनट पर लैंडर विक्रम चांद की ओर बढ़ चला था. चांद पर उसकी सॉफ्ट लैंडिंग का समय रात 1 बजकर 52 मिनट और 54 सेकंड तय किया गया था. आखिरी के 90 सेकंड बचे थे और लैंडर विक्रम चांद से महज 2.1 किलोमीटर दूर रह गया था. तभी लैंडर से ग्राउंड स्टेशन का संपर्क टूट गया. इसरो ने ऐलान किया कि चांद से 2.1 किलोमीटर तक सबकुछ ठीक था, लेकिन उसके बाद लैंडर से उसका संपर्क टूट गया. 

इसरो चीफ के मन में जो बात पहले खटक रही थी वो अब उनके सामने थी. बरसों की मेहनत के बाद मनचाहा नतीजा हासिल न कर पाने वाले वैज्ञानिकों में मायूसी थी, लेकिन पीएम मोदी की हौसला अफजाई ने इस मायूसी को दूर कर दिया. हालांकि अब भी ऑर्बिटर चांद के चक्कर काट रहा है जो आने वाले वक्त में डाटा को इसरो के साथ साझा करेगा.

Every step in science is only effort and experiment, not failure: PM Modi

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि ज्ञान का अगर सबसे बड़ा शिक्षक कोई है तो वो विज्ञान है. विज्ञान में विफलता नहीं होती, केवल प्रयोग और प्रयास होते हैं. हर प्रयोग, हर प्रयास ज्ञान के नए बीज बोकर जाता है. 


वैज्ञानिकों के साथ पूरा देश खड़ा है 

चंद्रयान की यात्रा शानदार रही 

रुकावटों से हौसला कमजोर नहीं मजबूत हुआ 

चंद्र मिशन असफल होने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बेंगलुरु के इसरो सेंटर में वैज्ञानिकों का हौसला बढ़ाया. पीएम मोदी ने कहा कि परिणाम अपनी जगह हैं, लेकिन मुझे और पूरे देश को अपने वैज्ञानिकों, इंजीनियरों के प्रयासों पर गर्व है. 

पीएम मोदी ने कहा कि विज्ञान नई संभावनाओं की नींव रखकर जाता है और हमें असीम सामर्थ्य का अहसास दिलाता है. हर मुश्किल, हर संघर्ष, हर कठिनाई, हमें कुछ नया सिखाकर जाती है. पीएम मोदी ने कहा कि कुछ नए आविष्कार, नई टेक्नोलॉजी के लिए प्रेरित करती है और इसी से हमारी आगे की सफलता तय होती है. 

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि ज्ञान का अगर सबसे बड़ा शिक्षक कोई है तो वो विज्ञान है. विज्ञान में विफलता नहीं होती, केवल प्रयोग और प्रयास होते हैं. हर प्रयोग, हर प्रयास ज्ञान के नए बीज बोकर जाता है. पीएम मोदी ने कहा कि पूरे मिशन के दौरान देश अनेक बार आनंदित हुआ है, गर्व से भरा है. इस वक्त भी हमारा ऑर्बिटर पूरी शान से चंद्रमा के चक्कर लगा रहा है. 

वैज्ञानिकों की हिम्मत बढ़ाते हुए पीएम मोदी ने कहा कि अगर अपनी शुरुआती चुनौतियों, दिक्कतों से हम हार जाते तो आज इसरो दुनिया की सफल स्पेस एजेंसियों में से एक भी स्थान नहीं ले पाता. उन्होंने कहा कि चंद्रयान के सफर का आखिरी पड़ाव भले ही आशा के अनुकूल न रहा हो, लेकिन हमें ये भी याद रखना होगा कि चंद्रयान की यात्रा शानदार रही है, जानदार रही है. इसरो भी कभी न हार मानने वाली संस्कृति का जीता-जागता उदाहरण है.

Thursday, 5 September 2019

India's Chandrayaan-2 will land on the moon tonight, PM Modi will be present in ISRO Center

विक्रम लैंडर शनिवार तड़के एक से दो बजे के बीच चांद पर उतरने के लिए नीचे की ओर चलना शुरू करेगा और रात डेढ़ से ढाई बजे के बीच यह पृथ्वी के उपग्रह के दक्षिणी ध्रुव क्षेत्र में लैंड कर जाएगा. 


भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम के लिए ऐतिहासिक दिन, चांद की सतह पर उतरेगा चंद्रयान-2 

लैंडिंग के 2 घंटे बाद रोवर प्रज्ञान शुरू करेगा चांद की जमीं पर अपना सफर 

14 दिन तक वैज्ञानिक परीक्षण करेगा प्रज्ञान रोवर, चांद पर भूकंप की हलचलों का करेगा टेस्ट 

चंद्रयान-2 का विक्रम लैंडर शनिवार तड़के चांद की सतह पर उतरने के लिए तैयार है. देश-दुनिया के लोग शुक्रवार-शनिवार की दरम्यानी रात होने वाली इस 'सॉफ्ट लैंडिंग' का गवाह बनने के लिए बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं. विक्रम लैंडर की यह सॉफ्ट लैंडिंग अगर कामयाब रहती है तो रूस, अमेरिका और चीन के बाद भारत ऐसी उपलब्धि हासिल करने वाला दुनिया का चौथा देश बन जाएगा. इसके साथ ही भारत चांद के दक्षिणी ध्रुव पर पहुंचने वाला विश्व का पहला देश भी बन जाएगा. 

विक्रम लैंडर शनिवार तड़के एक से दो बजे के बीच चांद पर उतरने के लिए नीचे की ओर चलना शुरू करेगा और रात डेढ़ से ढाई बजे के बीच यह पृथ्वी के उपग्रह के दक्षिणी ध्रुव क्षेत्र में उतरेगा. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद इस लम्हे को देखने के लिए इसरो के बेंगलुरु केंद्र में मौजूद रहेंगे. उनके साथ 60-70 स्कूली बच्चे भी होंगे जो देश भर से क्विज प्रतियोगिता के जरिए चुन कर लैंडिंग का सीधा प्रसारण देखने यहां मौजूद रहेंगे. 

चांद पर उतरने की तैयारी 

बता दें, इसरो के दूसरे डी-ऑर्बिटल ऑपरेशन के बुधवार को सफलतापूर्वक होते ही भारत का पहला मून लैंडर विक्रम सात सितंबर को चांद पर उतरने के लिए तैयार है. भारतीय अंतरिक्ष एजेंसी इसरो के अनुसार, विक्रम का दूसरा डी-ऑर्बिटल ऑपरेशन बुधवार तड़के 3.42 बजे ऑनबोर्ड संचालन तंत्र का उपयोग करते हुए शुरू हुआ और नौ सेकेंड में पूरा हो गया. 

विक्रम लैंडर की कक्षा 35 किलोमीटर गुणा 101 किलोमीटर की है. इसरो ने कहा कि इस ऑपरेशन के साथ ही विक्रम के चंद्रमा की सतह पर उतरने के लिए जरूरी ऑर्बिट प्राप्त कर ली गई है. इसरो के अनुसार, विक्रम चांद के दक्षिणी ध्रुव पर सात सितंबर को तड़के डेढ़ बजे से ढाई बजे के बीच उतरेगा. 

विक्रम के चांद पर उतरते ही रोवर लैंडर उसमें से निकल आएगा और रिसर्च शुरू कर देगा, जिसके लिए उसे बनाया गया है. इसरो ने कहा कि चंद्रयान-2 ऑर्बिटर अपनी 96 किलोमीटर गुणा 125 किलोमीटर की मौजूदा कक्षा में चांद के चारों तरफ घूम रहा है और दोनों-ऑर्बिटर और लैंडर सही काम कर रहे हैं. सोमवार दोपहर को विक्रम चंद्रयान-2 से अलग हो गया था. भारत की कुल 978 करोड़ रुपये की इस परियोजना के तहत चंद्रयान-2 को भारी रॉकेट जियोसिंक्रोनस सैटेलाइट लॉन्च व्हीकल-मार्क 3 (जीएसएलवी-एमके 3) के जरिए 22 जुलाई को लॉन्च किया गया था.

100 days of Modi government 2.0: Opposition leaders go to jail, BJP is strong by breaking many leaders

मोदी सरकार 2.0 में भ्रष्टाचार में घिरे विपक्षी कांग्रेस के नेताओं पर केंद्रीय एजेंसियों ने सख्त कार्रवाई की. चिदंबरम को जहां तिहाड़ जेल जाना पड़ा है, वहीं मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में कर्नाटक के कांग्रेस नेता डीके शिवकुमार की भी गिरफ्तारी हुई. बीजेपी ने विरोधी दलों में सेंधमारी कर राज्यसभा में अपनी स्थिति भी मजबूत की है. 


मोदी सरकार 2.0 में कांग्रेस के बड़े नेताओं पर हुआ एक्शन 

विपक्षी नेताओं को तोड़ने में सफल रही बीजेपी 

सपा, टीडीपी और कांग्रेस के राज्यसभा सांसद हुए भाजपाई 

मोदी सरकार 2.0 के सौ दिन में भ्रष्टाचार के मामलों में भी कार्रवाई तेज हुई. भ्रष्टाचार में घिरे अफसरों को जहां जबरन रिटायरमेंट दिया गया तो नेताओं की भी गिरफ्तारियां हुईं. मोदी सरकार 2.0 के शुरुआती सौ दिनों में सबसे बड़ी कार्रवाई मनमोहन सरकार में गृह और वित्त मंत्री रहे पी चिदंबरम के खिलाफ हुई. आईएनएक्स मीडिया केस में जहां उन्हें तिहाड़ जेल में जाना पड़ा है. वहीं कर्नाटक के कद्दावर कांग्रेस नेता डीके शिवकुमार को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में गिरफ्तार किया. 

उधर, राज्यसभा में संख्या बल से कमजोर होने पर जब कुछ विधेयकों को पास कराने की राह में बीजेपी को रोड़ा समझ में आया तो फिर सेंधमारी शुरू हुई. बीजेपी दूसरे दलों के कई राज्यसभा सांसदों को अपने पाले में लाने में सफल रही. जो राज्यसभा सांसद न तो बीजेपी में शामिल हुए और न ही इस्तीफा दिए तो उनसे भी बातचीत कर अहम बिलों पर गुपचुप समर्थन हासिल किया. 

यही वजह रही कि आरटीआई और तीन तलाक बिल पर वोटिंग के दौरान अल्पमत में होने के बावजूद सरकार के पक्ष में ज्यादा सांसद खड़े नजर आए. विपक्ष के विरोध के बावजूद मोदी सरकार आरटीआई, तीन तलाक, UAPA सहित मनमुताबिक बिल पास कराने में सफल रही. राज्यसभा में अब बीजेपी के 78 सांसद हो चुके हैं. 

टीडीपी के 4 राज्यसभा सांसदो को तोड़ा 

राज्यसभा में संख्या बल बढ़ाने के लिए बीजेपी आंध्र प्रदेश में चंद्रबाबू नायडू की पार्टी टीडीपी के कुल छह में से चार सांसदों को तोड़ने में सफल रही. दो तिहाई सांसदों के पाला बदलने से उन पर दल बदल कानून के तहत सदस्यता रद्द होने का खतरा भी नहीं रहा. इससे ये चार सांसद अब बीजेपी के राज्यसभा सदस्य बन गए हैं. 

बीजेपी में शामिल होने वालों मेंं टीडीपी के राज्यसभा सांसद सीएम रमेश, टीजी वेंटकेश, जी मोहन राव और वाईएस चौधरी शामिल हैं. बाद में तेलुगू देशम पार्टी के वरिष्ठ नेता और प्रवक्ता लंका दिनाकर भी बीजेपी में शामिल हो गए. 

इससे पूर्व तेलगु देशम पार्टी (टीडीपी) के वरिष्ठ नेता और पूर्व विधायक अंबिका कृष्णा, कांग्रेस के पूर्व नेता और सांसद एपी अब्दुल्लाकुट्टी भी भाजपाई बने थे. भारतीय राष्ट्रीय लोक दल के राज्यसभा सांसद रामकुमार कश्यप को भी बीजेपी अपने पाले में करने में सफल रही. 

यूपी के कई नेता भी साथ आए 

मोदी सरकार 2.0 में बीजेपी उत्तर प्रदेश के विरोधी दलों के राज्यसभा सांसदों को भी अपने पाले में करने में सफल रही. समाजवादी पार्टी के तीन राज्यसभा सांसदों को बीजेपी ने तोड़ लिया. इनमें पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर के बेटे नीरज शेखर, सुरेंद्र नागर और संजय सेठ ने सपा छोड़कर बीजेपी की सदस्यता ग्रहण की. उनके राज्यसभा से इस्तीफा देने के बाद खाली हुई सीटों पर बीजेपी ने अब इन्हीं नेताओं को उम्मीदवार बनाया है. इस प्रकार यूपी की रा ज्यसभा सीटों के चुनाव के बाद बीजेपी राज्यसभा में और मजबूत होगी. 

कांग्रेस में गांधी परिवार के करीबी माने जाने वाले कांग्रेस नेता और अमेठी राजघराने के संजय सिंह भी पत्नी अमीता सिंह के साथ बीजेपी में शामिल हुए. संजय सिंह जहां कांग्रेस के राज्यसभा सांसद रहे, वहीं उनकी पत्नी यूपी सरकार में मंत्री रह चुकी हैं. गांधी परिवार के वफादारों में गिने जाने वाले संजय सिंह काफी समय से पार्टी से नाराज चल रहे थे. आखिरकार बीजेपी ने उनकी नाराजगी को भुनाते हुए अपने पाले में कर लिया.

New challan rules: Delhi traffic police personnel will check with body camera

अब ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने पर लोगों को 10 गुना तक अधिक जुर्माना भरना पड़ रहा है. इस नियम के सख्ती से पालन के लिए दिल्ली ट्रैफिक पुलिस के जवानों को ऐसे कैमरे दिए जा रहे हैं, जो उनके बॉडी पर फिट होंगे. 


ट्रैफिक नियमों को तोड़ने पर भारी जुर्माना लगाने के नए नियम का दिल्ली में काफी सख्ती से पालन किया जा रहा है. मोटर व्हीकल एक्ट में हुए संशोधन के बाद अब ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने पर लोगों को 10 गुना तक अधिक जुर्माना भरना पड़ रहा है. इस नियम के सख्ती से पालन के लिए दिल्ली ट्रैफिक पुलिस के जवानों को ऐसे कैमरे दिए जा रहे हैं, जो उनके बॉडी पर फिट होंगे. 

1 सितंबर को आधी रात 12 बजे से ही यह नियम लागू हो गया है. दिल्ली पुलिस के ज्वाइंट कमिश्नर के (ट्रैफिक) नरेंद्र सिंह बुंदेला ने कहा कि दिल्ली पुलिस ने नए मोटर व्हीकल एक्ट को सख्ती से लागू किया है. इसके लिए जवानों को 626 बॉडी वोर्न कैमरे आवंटित किए हैं, जो शरीर में लगाए जाते हैं. इसके अलावा पहले से ही एनसीआर-दिल्ली में जगह-जगह डिजिटल कैमरे, सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं ताकि ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने वाला कोई न बचे. 

गौरतलब है कि दिल्ली पुलिस ने पहले दिन ही करीब 3900 चालान किए हैं. दिल्ली पुलिस के अधिकारियों के मुताबिक 557 चालान नशे में ड्राइ‍विंग के लिए, 207 रेड लाइट जंप करने के लिए, 195 सीट बेल्ट न लगाने के लिए, 336 हेल्मेट न पहनने के लिए, 42 ओवरस्पीडिंग के लिए और 28 चालान बाइक पर तीन सवारी के लिए किए गए हैं. 

नए नियम के तहत सीट बेल्ट न लगाने पर जुर्माना 1000 रुपये कर दिया गया है. पहले ये 100 रुपए था. रेड लाइट जंप के लिए पहले जुर्माना 1000 रुपये था, अब 5000 रुपये देने होंगे. शराब पीकर गाड़ी चलाने पर पहले अपराध के लिए 6 महीने की जेल और 10,000 रुपये तक जुर्माने का प्रावधान है. जबकि दूसरी बार ये गलती करते हैं तो 2 साल तक जेल और 15,000 रुपये तक का जुर्माना लगेगा. 

बिना लाइसेंस के गाड़ी चलाने पर 500 रुपये की जगह अब 5,000 रुपये जुर्माना देना होगा. वहीं, अगर कोई नाबालिग गाड़ी चलाता है तो उसे 10,000 रुपये जुर्माना देना होगा जो पहले 500 रुपये था. इमरजेंसी वाहन को रास्ता न देने पर भी अब तक कोई जुर्माना नहीं था, लेकिन ऐसे वाहन को रास्ता न देने पर 10 हजार रुपये का जुर्माना भरना होगा. बिना हेलमेट गाड़ी चलाने पर 500 रुपये की बजाए 1000 रुपये का जुर्माना वसूला जाएगा. साथ ही 3 महीने के लिए ड्राइविंग लाइसेंस निलंबित हो सकता है. 

Rahul Gandhi's trolls on Teachers' Day, learned from political opponents

टीचर्स डे के मौके पर कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने अपने विरोधी ट्रोल ग्रुप पर तंज कसा है. राहुल गांधी ने झूठा प्रोपेगेंडा फैलाने वाले ट्रोल्स पर ट्वीट किया है. राहुल गांधी ने ट्रोल्स का शुक्रिया कहा है. 


राहुल गांधी ने टीचर्स डे पर किया ट्वीट 

झूठ फैलाने वाले ट्रोल्स पर कसा तंज 

पत्रकारों और राजनीतिक विरोधियों पर भी निशाना 

टीचर्स डे के मौके पर कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने एक व्यंग्य भरा ट्वीट किया है. इस ट्वीट के जरिए राहुल गांधी ने सोशिल मीडिया पर झूठा प्रोपेगेंडा फैलाने वाले ट्रोल्स पर तंज कसा है.

On I thank all those from whom I’ve learnt, over the years 🙏

That includes the army of social media trolls, some journalists-with-an-agenda & my political adversaries, whose vicious barbs, false propaganda & anger has taught me a lot & made me much stronger 🙏

3,432 people are talking about this
राहुल गांधी ने ट्वीट कर लिखा, 'मैं उन सभी को धन्यवाद देता हूं, जिनसे मैंने पिछले कई सालों में सीखा है. इनमें सोशल मीडिया ट्रोल्स की सेना शामिल है. इसके अलावा एजेंडा चलाने वाले कुछ पत्रकारों के साथ राजनीतिक विरोधी भी शामिल है, जो दुष्प्रचार करते हैं. इन्होंने मुझे काफी मजबूत बना दिया.' 

सोशल मीडिया पर ट्रोल्स का शिकार राहुल गांधी बाकी नेताओं की तुलना में ज्यादा हुए हैं. उनकी तस्वीरें, बयानों को अक्सर तोड़-मरोड़ कर पेश कर दिया जाता है. सोशल मीडिया पर तरह-तरह के मीम्स बनते हैं. ट्रोल्स का शिकार सिर्फ राहुल गांधी ही नहीं, बल्कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी होते हैं. आए दिन ट्रोल्स उनके खिलाफ भी ऐसे पोस्ट करते हैं जो आपत्तिजनक होते हैं. 

बता दें देश में हर साल 5 सितंबर को टीचर्स डे मनाया जाता है. इस मौके पर लोग अपने शिक्षकों को मैसेज भेजते हैं, और गिफ्ट भी देते हैं. पांच सितंबर को पूर्व राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जयंती भी आयोजित होती है. उन्हीं की याद में हर साल 5 सितंबर को शिक्षक दिवस मनाया जाता है. 

एक बार उनके कुछ विद्यार्थी और दोस्तों ने उनके जन्मदिन को सेलिब्रेट करने का मन बनाया. इस पर डॉ सर्वपल्ली ने कहा कि मेरा जन्मदिन अलग से मनाने के बजाए अगर मेरा जन्मदिन शिक्षक दिवस के रूप में मनाया जाए तो मुझे गर्व महसूस होगा. अपने जीवन में आदर्श शिक्षक रहे भारत के द्वितीय राष्ट्रपति डॉ. राधाकृष्णन का जन्म 5 सितंबर, 1888 को तमिलनाडु के तिरुतनी ग्राम में हुआ था.

Heavy rains in Mumbai canceled 20 flights, delayed 280, many aircraft stranded

छत्रपति शिवाजी महाराज इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर हर फ्लाइट में लगभग 65 मिनट की देरी देखी गई. बाहर की 76 फीसदी तक उड़ानें बारिश के कारण प्रभावित हुई हैं. 


मुंबई में भारी बारिश जारी है. भारी बारिश का असर मुंबई के एयरपोर्ट भी दिखा जहां 20 उड़ानें रद्द कर दी गईं और 280 उड़ानों में देरी हुई. बुधवार रात 11.30 बजे तक मुंबई एयरपोर्ट पर 24 विमान फंसे रहे. काफी कोशिश के बाद 10.30 और 11.10 के बीच मात्र 5 विमान अपने गंतव्य के लिए उड़ान भर सके. 

मुंबई आने वाली कुछ उड़ानों को मौसम सही नहीं होने तक रोका गया है. भारी बारिश के कारण एयरपोर्ट का पूरा ऑपरेशन प्रभावित हुआ है, इसलिए इसे दुरुस्त होने में कुछ वक्त लग सकता है. मुंबई एयरपोर्ट पर हर दिन तकरीबन 1 हजार अराइवल और डिपार्चर होते हैं. एक रिपोर्ट के मुताबिक, छत्रपति शिवाजी महाराज इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर हर फ्लाइट में लगभग 65 मिनट की देरी देखी गई. बाहर की 76 फीसदी तक उड़ानें बारिश के कारण प्रभावित हुई हैं. मुंबई आने वाली 44 फीसदी फ्लाइट में औसतन 8 मिनट की देरी दर्ज की गई है. इन सब को मिलाकर लगभग 280 उड़ानों में देरी सामने आई है. 

बता दें, भारी बारिश की वजह से मुंबई और पूरे तटीय कोंकण के इलाके जलभराव की चपेट में आ गए हैं. मौसम विभाग के मुताबिक मुंबई में औसतन 15 सेंटीमीटर की बारिश दर्ज की गई है, जबकि थाने और पालघर में लगभग 18 सेंटीमीटर और 17 सेंटीमीटर बारिश दर्ज की गई. मुंबई के कई निचले इलाकों में 6-12 इंच तक पानी भर गया है. 


बारिश के कारण यहां लोगों को काफी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है. बिगड़े हालात के मद्देनजर अब कई जगहों पर गुरुवार को स्कूल-कॉलेज बंद रहेंगे. मुंबई, थाने और कोंकण में स्कूलों की छुट्टी का ऐलान किया गया है. वहीं महाराष्ट्र के अन्य हिस्सों में स्थानीय हालात को देखते हुए जिला कलेक्टर बारिश के लिए एहतियाती कदम उठा सकते हैं. मुंबई में तेज बारिश की चेतावनी देते हुए मौसम विभाग ने जरूरत पड़ने पर ही घर से बाहर निकलने की सलाह दी है.

Wednesday, 4 September 2019

With this initiative of Delhi Metro, the journey of 60 kilometers will be decided in just 10 rupees

मेट्रो यात्रियों के साथ अन्य लोगों को भी इसकी सुविधा देने के लिए Yulu कंपनी से कॉन्ट्रैक्ट भी किया गया है. ये फैसला लेने के पीछे दिल्ली में बढ़ता प्रदूषण स्तर भी है. हालांकि अभी ये सुविधा दिल्ली के कुछ चुनिंदा मेट्रो स्टेशन पर भी उपलब्ध होगी. इसके बाद इसे पूरी दिल्ली के स्टेशन पर लागू करने की योजना बनाई गई है. 


10 रुपए में तय होगी 60 किलोमीटर की दूरी 

दिल्ली मेट्रो यात्रियों को देगी ई-बाइक्स की सुविधा 

अभी दिल्ली के चुनिंदा मेट्रो स्टेशन पर ये सुविधा मिलेगी 

दिल्ली मेट्रो ने एक नई पहल शुरू की है. अब मेट्रो से सफर करने वाले यात्रियों की परेशानी को ध्यान में रखते हुए दिल्ली मेट्रो ने 10 रुपए में ई-बाइक देने की योजना बनाई है. यानी सिर्फ 10 रुपए देकर ई-बाइक्स से 60 किलोमीटर की दूरी तय की जा सकेगी. 

मेट्रो यात्रियों के साथ अन्य लोगों को भी इसकी सुविधा देने के लिए Yulu कंपनी से कॉन्ट्रैक्ट भी किया गया है. ये फैसला लेने के पीछे दिल्ली में बढ़ता प्रदूषण स्तर भी है. हालांकि अभी ये सुविधा दिल्ली के कुछ चुनिंदा मेट्रो स्टेशन पर भी उपलब्ध होगी. इसके बाद इसे पूरी दिल्ली के स्टेशन पर लागू करने की योजना बनाई गई है. गौरतलब है कि दिल्ली में लगातार बढ़ता प्रदूषण का स्तर चिंता का विषय है और इसे नियंत्रित करने के लिए कई अहम कदम उठाए गए हैं. अब दिल्ली मेट्रो ने इस कड़ी में एक कदम आगे बढ़ाने का फैसला किया है. 

इस साल अंत तक दिल्ली के मेट्रो स्टेशन पर 5000 सुपर स्मार्ट बाइक्स होंगी, लेकिन अगले साल 2500 बाइक्स एनसीआर के मेट्रो स्टेशन पर भी इस सुविधा को देने के लिए उपलब्ध होंगी. इस बाइक को डिजाइन करने पर काफी ध्यान दिया गया है. जानकारी के मुताबिक, चोरी करने के बाद इन बाइक्स को चार्ज नहीं किया जा सकेगा. जबकि इन बाइक्स को ऐसे डिजाइन किया गया है कि अब इनकी बैटरी भी नहीं निकाली जा सकती और इन बाइक्स को सिर्फ मेट्रो स्टेशन पर ही चार्ज किया जा सकेगा. 

शुरुआत में यात्रियों को 250 रुपए अग्रिम भुगतान करना होगा जो बाद में वापस भी मिल जाएगा. इन ई-बाइक्स का सिर्फ 45 किलो वजन होगा. कम वजन होने के कारण कोई भी इन बाइक्स को आराम से चला सकता है. ई-बाइक्स को चलाने के लिए किसी ट्रेनिंग की जरूरत नहीं है. 

अभी इन स्टेशन पर उपलब्ध होगी ई-बाइक्स की सुविधा 

1. दिल्ली हाट (Delhi Haat) 

2. आइएनए (INA) 

3. जोर बाग (Zor Bagh) 

4. पटेल चौक (Patel Chowk) 

5. ब्लू लाइन के मंडी हाउस (Mandi House) 

6. प्रगति मैदान (Pragati Maidan) 

7. खान मार्केट (Khan Market) 

8. जवाहर लाल नेहरू स्टेडियम मेट्रो स्टेशन

Tuesday, 3 September 2019

Modi government will give 9296 crore bailout package to bail out IDBI Bank

IDBI बैंक को संकट से उबारने के लिए सरकार ने उसे 9,296 करोड़ रुपये का राहत पैकेज देने निर्णय लिया है. यह पूंजी सरकार और भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) द्वारा मिलकर दी जाएगी. 


IDBI बैंक को संकट से उबारने के लिए सरकार ने उसमें 9,296 करोड़ रुपये की पूंजी डालने का निर्णय लिया है. यह पूंजी सरकार और भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) द्वारा मिलकर दी जाएगी. कैबिनेट से इस प्रस्ताव को मंजूरी मिलने के बाद मंगलवार को केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने इसकी जानकारी दी. 

गौरतलब है कि बैंकिंग सेक्टर की हालत खराब है और सरकार इस पूरे सेक्टर पर गहराई से नजर रखे हुए है. सरकार को हाल में रिजर्व बैंक ने 1.76 लाख करोड़ रुपये देने का फैसला किया था, जिसके बाद ही इस बात की संभावना मजबूत हो गई थी कि सरकार परेशान चल रहे बैंकों की मदद करेगी. 

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कुछ दिनों पहले ही कहा है कि सार्वजनिक बैंकों के रीकैपिटलाइजेशन यानी नए सिरे से पूंजी डालने के लिए 70,000 करोड़ रुपये दिए जाएंगे. योजना के अनुसार IDBI बैंक को सरकार 4,553 करोड़ रुपये और एलआईसी 4,743 करोड़ रुपये देगी. 

पिछले साल ही एलआईसी ने IDBI मे 51 फीसदी की हिस्सेदारी ली है और इसमें सरकार की 49 फीसदी हिस्सेदारी है. ऐसी उम्मीद की जा रही है कि सरकार के इस कदम से आईडीबीआई बैंक की पहले साल में आय करीब 500 करोड़ रुपये बढ़ जाएगी. 

अब निजी बैंक हो चुका है IDBI 


रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने पब्‍लिक सेक्‍टर के IDBI बैंक को प्राइवेट सेक्‍टर के बैंक की कैटेगरी में रख दिया है. दरअसल, भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) ने कर्ज में डूबे IDBI बैंक को उबारने के लिए उसमें 51 फीसदी की हिस्सेदारी ली है. 

IDBI की वेबसाइट के मुताबिक उसके 1892 ब्रांच हैं जबकि 1407 सेंटर हैं.वहीं बैंक के ATM, 3705 हैं. बैंक से लाखों ग्राहक जुड़े हैं. IDBI बैंक को आरबीआई के तत्काल सुधारात्मक कार्रवाई रूपरेखा के अंतर्गत रखा गया है. यह कंपनियों को दिये जाने वाले लोन और शाखा विस्तार, वेतन वृद्धि के अलावा अन्य नियमित गतिविधियों पर रोक लगाता है.

Monday, 2 September 2019

PM Modi to be honored in America for another award, Swachh Bharat Mission

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक और पुरस्कार मिला है. बिल मेलिंडा गेट्स फाउंडेशन की तरफ से स्वच्छ भारत अभियान की शुरुआत करने के लिए पीएम मोदी को पुरस्कार से नवाजा जाएगा. अमेरिका यात्रा के दौरान उनको यह पुरस्कार प्रदान किया जाएगा. 


प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक और अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा. इस बार बिल मेलिंडा गेट्स फाउंडेशन की तरफ से स्वच्छ भारत अभियान की शुरुआत करने के लिए पीएम मोदी को पुरस्कार से नवाजा जाएगा. पीएम मोदी को अमेरिका यात्रा के दौरान यह पुरस्कार प्रदान किया जाएगा.

केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने सोमवार को ट्वीट कर इसकी जानकारी दी. जितेंद्र सिंह ने लिखा कि एक और पुरस्कार, हर भारतीय के लिए गर्व का एक और क्षण, क्योंकि पीएम मोदी की मेहनती और अभिनव पहल की वजह से दुनिया भर से तारीफ मिलती है.

इससे पहले पिछले महीने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बहरीन के सम्मान 'द किंग हमाद ऑर्डर ऑफ द रेनेसां' से नवाजा गया. बहरीन के राजा से मुलाकात के दौरान प्रधानमंत्री मोदी को सम्मानित किया गया. बहरीन जाने से पहले पीएम नरेंद्र मोदी संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) गए थे, जहां उन्हें सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार 'ऑर्डर ऑफ जायद' से नवाजा गया.

प्रधानमंत्री मोदी को अब तक मिले अंतरराष्ट्रीय सम्मान

    अगस्त 2019 में यूएई के सर्वोच्च सम्मान 'ऑर्डर ऑफ जायद' अवॉर्ड

    जून 2019 में मालदीव का 'रूल ऑफ द निशान इज्जुद्दीन' सम्मान

    अप्रैल, 2019 को रूस का सर्वोच्च नागरिक सम्मान 'सेंट एंड्रयू अवॉर्ड'

    अक्टूबर, 2018 को दक्षिण कोरिया का 'सियोल शांति' पुरस्कार, फरवरी में हासिल किया

    सितंबर 2018 में संयुक्त राष्ट्र का पर्यावरण सम्मान 'चैंपियंस ऑफ द अर्थ अवॉर्ड'

    10 फरवरी 2018 में फलस्तीन का 'ग्रैंड कॉलर ऑफ द स्टेट सम्मान'

    जून 2016 में अफगानिस्तान के सर्वोच्च नागरिक सम्मान 'आमिर अमानतुल्लाह खान अवॉर्ड'

    अप्रैल 2016 में सऊदी अरब के सर्वोच्च नागरिक सम्मान 'किंग अब्दुल अजीज सैश अवॉर्ड'

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पिछले महीने ही वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को एक पत्र लिखा, जिसमें उन्होंने फरवीर में सियोल शांति पुरस्कार से नवाजे जाने के दौरान मिली 1.30 करोड़ रुपये की राशि पर लगने वाले टैक्स माफी के आदेश को निरस्त करने का अनुरोध किया था. उन्होंने पत्र में लिखा कि पुरस्कार के रूप में मिली धन राशि पर दी गई छूट पर पुनर्विचार किया जाए.

    Sunday, 1 September 2019

    Today, PM Modi will inaugurate Gujarat Bhawan built in front of Congress headquarters

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज दिल्ली में गुजरात भवन का उद्घाटन करेंगे. कांग्रेस मुख्यालय के सामने बना नया गुजरात भवन सात मंजिला है और इसका नाम गरवी गुजरात भवन रखा गया है. 




    दो साल पहले गुजरात के सीएम विजय रुपाणी ने रखी थी इसकी नींव 

    इस नव निर्मित भवन में एक बार में 2000 लोगों के बैठने की व्यवस्था 

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज दिल्ली में गुजरात भवन का उद्घाटन करेंगे. कांग्रेस मुख्यालय के सामने बना नया गुजरात भवन सात मंजिला है और इसका नाम गरवी गुजरात भवन रखा गया है. 

    कांग्रेस मुख्यालय 24 अकबर रोड पर स्थित है, जबकि नया गुजरात भवन 25 बी अकबर रोड पर बना है. दो साल पहले गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रुपाणी ने इसकी नींव रखी थी और आज पीएम मोदी शुभारंभ करेंगे. इस भवन के अंदर 79 कमरों के साथ वीआइपी लाउंज, पब्लिक लाउंज और मल्टीपरपज हॉल बनाए गए हैं, जिसमें एक बार में 2000 लोगों के बैठने की व्यवस्था है. 

    बता दें कि 25-बी अकबर रोड स्थित बने गरवी गुजरात भवन का निर्माण अत्याधुनिक तरीके से किया गया है. इस आधुनिक भवन में इको-फ्रेंडली सुविधाएं उपलब्ध होंगी. सात हजार वर्ग मीटर क्षेत्र में बने इस भवन के निर्माण के लिए 131 करोड़ रुपये आवंटिक किए गए थे लेकिन उससे कम खर्च में ही इसका निर्माण पूरा हो गया है. 

    नए गुजरात भवन की इमारत आधुनिकता और परंपरा पर आधारित है. गुजराती परंपरा को दुनियाभर के लोग जानते हैं. इसी के मद्देनजर नए गुजरात भवन की बिल्डिंग का डिजाइन भी गुजरात की ट्रेडिशन और आधुनिकता से मिलाजुला है. इस सात मंजिला इमारत का डिजाइन काफी सुंदर बनाया गया है. इस भवन में हरियाली और वाटर हार्वेस्टिंग का पूरा ध्यान रखा गया है.

    Friday, 30 August 2019

    NEWSWRAP: Priyanka surrounds Modi government on GDP, read 5 big news stories on Saturday morning

    कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी ने अर्थव्यवस्था को मुद्दा बनाते हुए मोदी सरकार पर बड़ा हमला किया है. प्रियंका गांधी ने कहा कि Gross domestic product विकास दर से साफ है कि अच्छे दिन का भोंपू बजाने वाली बीजेपी सरकार ने अर्थव्यवस्था की हालत पंचर कर दी है. न Gross domestic product ग्रोथ है न रुपये की मजबूती. रोजगार गायब हैं. अब तो साफ करो कि अर्थव्यवस्था को नष्ट कर देने की ये किसकी करतूत है?

    प्रियंका गांधी मोदी सरकार की आर्थिक नीतियों पर उठाए सवाल

    केंद्र की मोदी सरकार अर्थव्यवस्था के मोर्चे पर चारों तरफ से घिरती जा रही है. एक तरफ जहां उसे अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए जूझना पड़ रहा है वहीं सहयोगी और विपक्षी दलों के नेता भी मोदी सरकार की आर्थिक नीतियों पर सवाल खड़े कर रहे हैं. कांग्रेस के साथ ही बीजेपी नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने भी सरकार की नीतियों को कटघरे में खड़ा कर दिया है. 

    पढ़ें शनिवार सुबह की 5 बड़ी खबरें. 

    1. Gross domestic product गिरने पर प्रियंका गांधी बोलीं-अच्छे दिनों का भोंपू बजाने वाली सरकार ने किया पंचर 

    आर्थिक मोर्चे पर मोदी सरकार को जबरदस्त झटका लगा है. विकास दर सात साल के न्यूनतम स्तर पर पहुंच चुकी है. मौजूदा वित्तीय वर्ष की पहली तिमाही में जीडीपी 5 फीसदी पर पहुंच चुकी है जबकि पिछले यह 5.8 फीसदी पर था. गिरते विकास दर को लेकर कांग्रेस ने मोदी सरकार को घेरा है और 5 फीसदी के आंकड़े पर भी सवाल उठाए हैं. 

    2.धोनी पर सेलेक्टर्स का खुलासा-क्या टी-20 वर्ल्ड कप में खेलेंगे माही? 

    एम.एस.के. प्रसाद की अध्यक्षता वाली सीनियर चयन समिति ने भारत के वर्ल्ड चैम्पियन कप्तान महेंद्र सिंह धोनी को दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ होने वाली तीन मैचों की टी-20 सीरीज के लिए नहीं चुना है. धोनी को टीम में न चुने जाने पर कई लोगों ने कहा कि चयनकर्ताओं ने उन्हें टीम से बाहर कर दिया, लेकिन चयन समिति के एक सदस्य ने कहा है कि पूर्व कप्तान ने अगले साल होने वाले टी-20 वर्ल्ड कप को लेकर टीम चुनने के लिए समिति को समय दिया है. 

    3.कश्मीर घाटी में हालात सामान्य, पुलिस ने कहा-अफवाहों पर ध्यान न दें 

    जम्मू और कश्मीर में हालात बिल्कुल शांत हैं. खासकर घाटी में हालात पुलिस के काबू में हैं. जम्मू और कश्मीर पुलिस ने ट्वीट कर इसकी जानकारी दी. पुलिस ने इसके साथ वहां के स्थानीय लोगों को शुक्रिया भी कहा. पुलिस ने कहा कि जो भी लोग फेक न्यूज फैला रहे हैं हमने उनकी पहचान कर ली है. प्रक्रिया के तहत कानूनी उपाय किए जाएंगे. शांति भंग करने के लिए बनाई गई किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें. 

    4.बंगाल: लिंचिंग पर कानून बनने के बाद पहला केस, चोरी के आरोप में युवक को पीटा 

    पश्चिम बंगाल विधानसभा में शुक्रवार को एक तरफ जहां मॉब लिंचिंग की घटनाओं की रोकथाम के लिए एक विधेयक पास हुआ तो वहीं दूसरी तरफ भीड़ द्वारा एक युवक की पिटाई का मामला सामने आया है. दरअसल, बंगाल के मुर्शिदाबाद में फलों की दुकान में चोरी करने के आरोप में भीड़ ने युवक की जमकर पिटाई की. 

    5. NRC Rundown: असम के नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटीजन्स में ऐसे चेक करें नाम 

    असम में एनआरसी यानी कि नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटीजन्स (NRC) की फाइनल लिस्ट आज प्रकाशित हो रही है. ये फाइनल लिस्ट असम एनआरसी की आधिकारिक बेवसाइट nrcassam.nic.in पर प्रकाशित होगी. आप स्थानीय एनआरसी सेवा केंद्र पर जाकर इस लिस्ट में अपना नाम चेक कर सकते हैं, इसके अलावा assam.mygov.in. पर भी आप अपने नाम की खोजबीन कर सकते हैं.

    Court summons Rahul Gandhi in the case of comment on PM Modi, gave this statement

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी करने के मामले में राहुल गांधी को समन जारी किया गया है. राहुल गांधी के खिलाफ एक बीजेपी कार्यकर्ता ने कोर्ट में मानहानि का केस दायर किया था. 




    राहुल गांधी को आपत्तिजनक टिप्पणी के मामले में समन 

    पीएम मोदी पर की थी अपमानजनक टिप्पणी 

    बीजेपी कार्यकर्ता ने दाखिल किया था मानहानि का केस 

    मुंबई की एक मजिस्ट्रेट अदालत ने कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी को समन जारी किया है. कोर्ट ने भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) कार्यकर्ता महेश श्रीश्रीमाल की याचिका पर संज्ञान लेते हुए समन जारी किया है. राहुल गांधी ने एक रैली में 'चौकीदार चोर है' का नारा दिया था, जिसके बाद बीजेपी नेता ने कोर्ट का रुख किया था. 

    बीजेपी कार्यकर्ता महेश ने कहा, 'प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चोर कहना गलत है. हमारे देश के बारे में लोग क्या सोचेंगे. महेश ने कहा कि जब राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आलोचना करते हुए 'कमांडर इन थीफ' के नाम से ट्वीट किया था तब भी दुख हुआ था. 

    बीजेपी कार्यकर्ता ने राहुल गांधी के स्पीच की कई सीडी और न्यूज पेपर कटी भी कोर्ट में दस्तावेज के रूप में पेश किया है. कोर्ट में दिए गए एप्लीकेशन में बीजेपी कार्यकर्ता ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लाइव टीवी स्ट्रीमिंग के दौरान 'कमांडर इन थीफ' कहा है. 

    राहुल गांधी का यह भाषण कई न्यूज चैनलों और अखबारों में भी प्रकाशित हुआ. इसलिए पार्थी मानहानि का मुकदमा दर्ज कराना चाहता है. इस मामले की सुनवाई करते हुए कोर्ट ने कहा था कि अदालत कहती है कि पार्टी का सदस्य होने के नाते शिकायतकर्ता कोर्ट में अपील दाखिल करने का अधिकारी है. 

    कोर्ट के आदेश में कहा गया है कि कथित मानहानि से न केवल प्रधानमंत्री बल्कि बीजेपी कार्यकर्ता भी आहत हुए हैं. भारतीय दंड संहिता के धारा 500 के तहत मामले की प्रक्रिया चलाई जा रही है.

    PM Modi released postage stamp in honor of 12 AYUSH experts

     राजवैद्य बृहस्पति देव त्रिगुणा, वैद्य शास्त्री शंकर दाजी पदे, हकीम मोहम्मद कबीरूद्दीन, वैद्य भास्कर विश्वनाथ गोखले, वैद्यभूषणम के राघवन थिरूमूलपाड, डॉ. केजी सक्सेना, वैद्य यादव जी त्रिकमजी आचार्य, स्वामी कुवलयानंद, हकीम मोहम्मद अब्दुल अजीज लखनवी, डॉ. दीनशॉ मेहता, महर्षि महेश योगी, तिरू टीवी संबाशिवम पिल्लई के नाम पर डाक टिकट जारी किया गया. 


    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को 12 आयुष विशेषज्ञों के नाम पर डाक टिकट जारी किया. राजवैद्य बृहस्पति देव त्रिगुणा, वैद्य शास्त्री शंकर दाजी पदे, हकीम मोहम्मद कबीरूद्दीन, वैद्य भास्कर विश्वनाथ गोखले, वैद्यभूषणम के राघवन थिरूमूलपाड, डॉ. केजी सक्सेना, वैद्य यादव जी त्रिकमजी आचार्य, स्वामी कुवलयानंद, हकीम मोहम्मद अब्दुल अजीज लखनवी, डॉ. दीनशॉ मेहता, महर्षि महेश योगी, तिरू टीवी संबाशिवम पिल्लई के नाम पर डाक टिकट जारी किया गया. 

    इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, देश भर में 12,500 आयुष केंद्र बनाने का लक्ष्य है, जिनमें से 10 आयुष स्वास्थ्य और कल्याण केंद्रों का उद्घाटन आज किया गया है. हमारा उद्देश्य है कि इस वर्ष 4,000 ऐसे आयुष केंद्र स्थापित किए जाएं. 

    प्रधानमंत्री ने कहा, आयुष्मान भारत योजना के तहत जितने मरीजों को अब तक मुफ्त इलाज मिला है, वो अगर इसके दायरे में ना होते तो उन्हें 12 हजार करोड़ रुपए से अधिक खर्च करने पड़ते. एक प्रकार से देश के लाखों गरीब परिवारों के 12 हजार करोड़ रुपए की बचत हुई है. 

    उन्होंने कहा, प्रिवेंशन और अफोर्डबलिटी के साथ देश में इंफ्रास्ट्रक्चर पर तेजी से काम चल रहा है. 2 दिन पहले ही सरकार ने 75 नए मेडिकल कॉलेज बनाने का भी फैसला लिया है. इससे गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए सुविधाओं में बढ़ोतरी तो होगी ही, साथ ही एमबीबीएस की करीब 16 हजार सीटें बढ़ेंगी. 

    प्रधानमंत्री ने कहा कि सिर्फ मॉर्डन मेडिसिन ही नहीं, आयुष की शिक्षा में भी अधिक और बेहतर प्रोफेशनल्स आएं, इसके लिए आवश्यक सुधार किए जा रहे हैं. आयुष ग्रिड का आइडिया भी प्रशंसनीय है. इससे आयुष सेक्टर से जुड़े अनेक दिक्कतों को दूर करने में मदद मिलेगी.

    Chandrayaan-2 will be ahead of Chandrayaan-1, will be in fourth grade today

    7 सितंबर को चंद्रयान-2 अपने पूर्वज चंद्रयान-1 से आगे निकल जाएगा. आज शाम Chandrayaan-2 को चांद की चौथी कक्षा में जाएगा. अगले 2 दिनों तक चंद्रयान इसी ऑर्बिट में चक्कर लगाता रहेगा. इसके बाद 1 सितंबर को पांचवीं कक्षा में डाला जाएगा. 

    4 सितंबर को सबसे नजदीकी कक्षा में रहेगा चंद्रयान 

    7 सितंबर को करेगा चांद की सतह पर सॉफ्ट लैंडिंग 

    भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) 30 अगस्त की शाम 6 से 7 बजे के बीच Chandrayaan-2 को चांद की चौथी कक्षा में डालेगा. इसके बाद, चंद्रयान-2 चांद के चारों तरफ 126 किमी की एपोजी (चांद से सबसे कम दूरी) और 164 किमी की पेरीजी (चांद से ज्यादा दूरी) में चक्कर लगाएगा. अगले 2 दिनों तक चंद्रयान-2 इसी ऑर्बिट में चांद का चक्कर लगाता रहेगा. इसके बाद 1 सितंबर को शाम 6 से 7 बजे के बीच पांचवीं कक्षा में डाला जाएगा. तब यह चांद के चारों तरफ 114 किमी की एपोजी और 128 किमी की पेरीजी में चक्कर लगाएगा. 

    7 सितंबर को चंद्रयान-2 अपने पूर्वज चंद्रयान-1 से आगे निकल जाएगा. बता दें कि चंद्रयान-1 ऑर्बिटर चांद के चारों तरफ 100 किमी की कक्षा में चक्कर लगाता था. इस बार चंद्रयान-2 का ऑर्बिटर भी इसी कक्षा में चक्कर लगाएगा लेकिन विक्रम लैंडर और प्रज्ञान रोवर चांद के दक्षिणी ध्रुव पर लैंड करेंगे. यहीं पर चंद्रयान-2 अपने पूर्वज से आगे निकल जाएगा. 

    20 अगस्त को गति कम कर चांद की कक्षा में पहुंचाया था चंद्रयान-2 को 

    इसरो वैज्ञानिकों ने 20 अगस्त यानी मंगलवार को चंद्रयान-2 को चांद की पहली कक्षा में सफलतापूर्वक पहुंचाया था. इसरो वैज्ञानिकों ने मंगलवार को चंद्रयान की गति को 10.98 किमी प्रति सेकंड से घटाकर करीब 1.98 किमी प्रति सेकंड किया था. चंद्रयान-2 की गति में 90 फीसदी की कमी इसलिए की गई थी ताकि वह चांद की गुरुत्वाकर्षण शक्ति के प्रभाव में आकर चांद से न टकरा जाए. 20 अगस्त यानी मंगलवार को चांद की कक्षा में चंद्रयान-2 का प्रवेश कराना इसरो वैज्ञानिकों के लिए बेहद चुनौतीपूर्ण था. लेकिन, हमारे वैज्ञानिकों ने इसे बेहद कुशलता और सटीकता के साथ पूरा किया. 

    2 सितंबर को यान से अलग हो जाएगा विक्रम लैंडर और प्रज्ञान रोवर 

    चांद के चारों तरफ 4 बार कक्षाएं बदलने के बाद चंद्रयान-2 से विक्रम लैंडर बाहर निकल जाएगा. विक्रम लैंडर अपने अंदर मौजूद प्रज्ञान रोवर को लेकर चांद की तरफ बढ़ना शुरू करेगा. 

    3  सितंबर को विक्रम लैंडर के सेहत की जांच की जाएगी 

    4  सितंबर को विक्रम लैंडर की सेहत जांचने के लिए इसरो वैज्ञानिक 3 सेकंड के लिए उसका इंजन ऑन करेंगे और उसकी कक्षा में मामूली बदलाव करेंगे. 

    7  सितंबर को चांद के सबसे नजदीक पहुंच जाएगा चंद्रयान-2 

    इसरो वैज्ञानिक विक्रम लैंडर को 4 सितंबर को चांद के सबसे नजदीकी कक्षा में पहुंचाएंगे. इस कक्षा की एपोजी 35 किमी और पेरीजी 97 किमी होगी. अगले तीन दिनों तक विक्रम लैंडर इसी कक्षा में चांद का चक्कर लगाता रहेगा. इस दौरान इसरो वैज्ञानिक विक्रम लैंडर और प्रज्ञान रोवर के सेहत की जांच करते रहेंगे. 

    7 सितंबर होगा सबसे चुनौतीपूर्ण, चांद पर उतरेगा विक्रम लैंडर 

    1:40 बजे रात (6 और 7 सितंबर की दरम्यानी रात) - विक्रम लैंडर 35 किमी की ऊंचाई से चांद के दक्षिणी ध्रुव पर उतरना शुरू करेगा. यह इसरो वैज्ञानिकों के लिए बेहद चुनौतीपूर्ण काम होगा. 

    1:55 बजे रात - विक्रम लैंडर दक्षिणी ध्रुव पर मौजूद दो क्रेटर मैंजिनस-सी और सिंपेलियस-एन के बीच मौजूद मैदान में उतरेगा. लैंडर 2 मीटर प्रति सेकंड की गति से चांद की सतह पर उतरेगा. ये 15 मिनट बेहद तनावपूर्ण होंगे. 

    3.55 बजे रात - लैंडिंग के करीब 2 घंटे के बाद विक्रम लैंडर का रैंप खुलेगा. इसी के जरिए 6 पहियों वाला प्रज्ञान रोवर चांद की सतह पर उतरेगा. 

    5.05 बजे सुबह - प्रज्ञान रोवर का सोलर पैनल खुलेगा. इसी सोलर पैनल के जरिए वह ऊर्जा हासिल करेगा. 

    5.10 बजे सुबह - प्रज्ञान रोवर चांद की सतह पर चलना शुरू करेगा. वह एक सेंटीमीटर प्रति सेकंड की गति से चांद की सतह पर 14 दिनों तक यात्रा करेगा. इस दौरान वह 500 मीटर की दूरी तय करेगा. 

    7 सितंबर को चंद्रयान-2 चांद के दक्षिणी ध्रुव पर लैंड करेगा. चंद्रयान-2 को 22 जुलाई को श्रीहरिकोटा प्रक्षेपण केंद्र से रॉकेट बाहुबली के जरिए प्र‍क्षेपित किया गया था. इससे पहले 14 अगस्त को चंद्रयान-2 को ट्रांस लूनर ऑर्बिट में डाला गया था. उम्मीद जताई जा रही है कि 7 सितंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी चंद्रयान-2 की चांद के दक्षिणी ध्रुव पर लैंडिंग को लाइव देखेंगे.

    Wednesday, 28 August 2019

    Assembly elections: Your own leader becomes a big challenge to BJP in front of Congress

    चार राज्यों के आगामी विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के सामने अपने शक्तिशाली मुख्य विरोधी दल बीजेपी से निपटने की चुनौती तो है ही, मगर उससे भी बड़ी चुनौती अपने असंतुष्ट नेताओं से निपटने की है. 

    हरियाणा, झारखंड, महाराष्ट्र और दिल्ली में होने हैं चुनाव 

    चारों राज्यों में कांग्रेस का संगठन गुटबंदी का शिकार 

    चुनाव में कम बचा है समय, चुनौतियों से कैसे निपटेगी कांग्रेस? 

    आगामी विधानसभा चुनावों के लिए कांग्रेस के लिए मुख्य विरोधी दल बीजेपी से बड़ी चुनौती अपने नेता ही बन गए हैं. वे नेता, जो पार्टी हित को दांव पर लगाकर निजी हित साधने में जुटे हैं. विधानसभा चुनाव वाले चार राज्यों में संगठन के वरिष्ठ नेताओं के बीच जारी तनातनी और मतभेद खुलकर जाहिर हो रहे हैं. इन मतभेदों के चलते कुछ नेता पार्टी का साथ भी छोड़ रहे हैं. महाराष्ट्र में कई नेता इस्तीफा दे चुके हैं. हरियाणा, महाराष्ट्र और झारखंड में अक्टूबर में तो दिल्ली में अगले साल जनवरी से फरवरी के बीच चुनाव प्रस्तावित हैं. समय कम बचा है. ऐसे में कांग्रेस का शीर्ष नेतृत्व संगठनों में मची खींचतान से चिंतित है. 

    हरियाणा: पूर्व CM और प्रदेश अध्यक्ष के बीच खिंची तलवारें 

    हरियाणा में प्रदेश संगठन में जिस तरह से नेताओं के बीच टकराव हो रहा है, वह कांग्रेस के लिए सबसे ज्यादा असहज करने वाली स्थिति है. पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा और प्रदेश अध्यक्ष अशोक तंवर के बीच लगातार नूराकुश्ती जारी है. बीते 18 अगस्त को रोहतक में रैली कर हुड्डा अपनी ही पार्टी को आंख दिखा चुके हैं. रैली स्थल पर लगे बैनर-पोस्टर से सोनिया-राहुल गांधी की तस्वीरें गायब थीं. 

    हुड्डा ने कांग्रेस के राह से भटक जाने की बात कही. हालांकि अटकलों को दरकिनार करते हुए हुड्डा ने अलग पार्टी बनाने की घोषणा नहीं की. उधर राज्य में पिछले छह वर्षों से पार्टी की कमान संभाल रहे अशोक तंवर भी हुड्डा की पार्टी लाइन से अलग गतिविधियों की शीर्ष नेतृत्व से शिकायत कर चुके हैं. चुनाव के मद्देनजर हुड्डा की ओर से गठित 38 सदस्यीय कमेटी पर भी प्रदेश अध्यक्ष तंवर सवाल उठा चुके हैं. दोनों नेताओं के बीच बढ़ती तल्खियां विधानसभा चुनाव में कांग्रेस पर भारी पड़ सकती हैं. 

    दिल्ली में बिना कप्तान के टीम 

    20 जुलाई को प्रदेश अध्यक्ष शीला दीक्षित के निधन के बाद से अब तक कांग्रेस उनका विकल्प नहीं तलाश पाई है. यह हाल तब है जब कि दिल्ली में भी विधानसभा चुनाव की सरगर्मियां बढ़ गईं हैं. अगले साल फरवरी में आम आदमी पार्टी सरकार पांच साल पूरा करने जा रही है. ऐसे में माना जा रहा है कि साल के आखिर में या फिर नए साल में जनवरी में दिल्ली में चुनाव हो सकता है. 

    दिल्ली में भी कांग्रेस कई गुटों में बंटी हुई है. जिससे शीर्ष नेतृत्व को प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष के लिए सर्वमान्य चेहरा तलाशने में मुश्किल हो रही है.बताया जा रहा है कि दिल्ली प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष पद के लिए जयप्रकाश अग्रवाल, योगानंद शास्त्री, महाबल मिश्रा, अरविंदर सिंह लवली, राजेश लिलोठिया रेस में हैं. हालांकि इस पद के लिए रेस में पंजाब से कांग्रेस विधायक नवजोत सिंह सिद्धू का भी नाम सामने आ चुका है. 

    महाराष्ट्र में इस्तीफे पर इस्तीफे 

    हरियाणा और झारखंड के साथ महाराष्ट्र में भी अक्टूबर में विधानसभा चुनाव होने की संभावना है. मगर कांग्रेस यहां भी संकट से जूझ रही है. विधानसभा चुनावों से ठीक पहले कांग्रेस के कई नेता पार्टी छोड़ चुके हैं. हाल ही में कांग्रेस के विधायक कालिदास कोलंबकर ने पार्टी से इस्तीफा दिया था. वहीं इससे पहले विधायक राधाकृष्ण विखे पाटिल, पूर्व मंत्री अब्दुल सत्तार भी कांग्रेस छोड़ चुके हैं. चौंकाने वाली बात रही थी कि 1980 से 2014 तक लगातर नौ बार नंदुरबार सीट से सांसद रहे दिग्गज कांग्रेसी नेता माणिकराव गावित की बेटी निर्मला गावित भी कांग्रेस से इस्तीफा दे चुकी हैं. 

    महाराष्ट्र में लगातार 15 वर्षों तक साझा सत्ता चलाने के बाद कांग्रेस और राकांपा ने अक्टूबर 2014 का विधानसभा चुनाव अलग-अलग लड़ा था. कांग्रेस और राकांपा ने कुल 288 विधानसभा सीटों में से क्रमश: 287 और 278 सीटों पर चुनाव लड़ा था. जबकि दोनों को क्रमशः 42 और 41 सीटें मिली थीं. वहीं बीजेपी और शिवसेना ने 122 और 63 सीटों के साथ सरकार बनाई थी.

    झारखंडः कांग्रेस में बने कई पावर सेंटर 

    झारखंड में संगठन के बीच मचे घमासान के चलते अजय कुमार को प्रदेश अध्यक्ष पद से इस्तीफा देना पड़ा. जिसके बाद अब जाकर पार्टी ने आदिवासी चेहरे रामेश्वर उरांव को प्रदेश अध्यक्ष बनाया है. फिर भी राज्य में कांग्रेस संगठन में सब कुछ सामान्य नहीं हो सका है. यही वजह है कि कांग्रेस को संतुलन साधने के लिए प्रदेश अध्यक्ष के साथ पांच अन्य कार्यकारी अध्यक्षों की भी नियुक्ति करनी पड़ी. जिससे राज्य में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष रामेश्वर उरांव के अधिकार सीमित हो गए हैं. माना जा रहा है कि झारखंड विधानसभा चुनाव में संगठन के कई सेंटर होने से कांग्रेस को नुकसान उठाना पड़ सकता है.कांग्रेस ने राज्य में प्रदेश अध्यक्ष के अलावा इरफान अंसारी, कमलेश महतो, मानस सिन्हा, संजय पासवान, राजेश ठाकुर को कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष बनाया है.

    Monday, 26 August 2019

    First PM Modi opposes the award, then within 24 hours the senses of PAK came

    पाकिस्तान को लगता है कि जम्मू-कश्मीर में जो हो रहा है उसपर दुनिया को उसका साथ देना चाहिए. खासकर UAR जैसे मुस्लिम देशों को उसके साथ खड़ा होना चाहिए और भारत की आलोचना करनी चाहिए. 

    नरेंद्र मोदी को UAE के सम्मान से पाकिस्तान का हाल बेहाल (फोटो: MEA)

    यूएई ने नरेंद्र मोदी को दिया 'ऑर्डर ऑफ जायद' अवॉर्ड 

    पाकिस्तानी विदेश मंत्री बोले-हम UAE से करेंगे बात 

    जम्मू-कश्मीर के फैसले पर UAE विदेश मंत्री को बताएगा पाकिस्तान 

    सीनेट प्रमुख पहले ही रद्द कर चुके हैं दौरा 

    जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 को कमजोर करने का भारत ने जो फैसला लिया है, उससे सबसे ज्यादा मिर्ची पाकिस्तान को लगी है. पाकिस्तान को ये बात हजम ही नहीं हो रही है, यही कारण है कि वो दुनिया के हर देश के आगे गुहार लगा रहा है. अभी हाल ही में संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपने देश के सर्वोच्च सम्मान 'ऑर्डर ऑफ जायद' से नवाज़ा, लेकिन पाकिस्तान को ये रास नहीं आया. पहले तो वहां के सीनेट ने UAE का विरोध करने की बात कही लेकिन कुछ ही घंटों बाद विदेश मंत्री ने UAE से बात करने को कह दिया. 

    दरअसल, पाकिस्तान को लगता है कि जम्मू-कश्मीर में जो हो रहा है उसपर दुनिया को उसका साथ देना चाहिए. खासकर UAR जैसे मुस्लिम देशों को उसके साथ खड़ा होना चाहिए और भारत की आलोचना करनी चाहिए. पीएम मोदी को 'ऑर्डर ऑफ जायद' से नवाजे जाने के बाद अब पाकिस्तान UAE के सामने जम्मू-कश्मीर के मसले को उठाएगा, पाकिस्तानी विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी जल्द ही UAE के विदेश मंत्री से मुलाकात करेंगे. 

    आपको बता दें कि नरेंद्र मोदी को जब UAE के क्राउन प्रिंस शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान से ये सम्मान मिला तो पाकिस्तान सीनेट के चेयरमैन सादिक संजरानी ने अपना UAE दौरा रद्द कर दिया. ये दौरा पीएम मोदी को सम्मान दिए जाने के विरोध में रद्द किया गया. उनका कहना है कि अगर वह UAE जाएंगे तो कश्मीर के लोगों को दुख पहुंचेगा. 

    इसके बाद रविवार शाम को पाकिस्तानी मीडिया से बात करते हुए वहां के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने कहा कि कोई भी देश किसी भी देश के साथ संबंध रख सकता है, हम उसमें कुछ नहीं कर सकते हैं. अगर UAE या बहरीन, भारत से संबंध बनाते हैं तो ये उनका फैसला है क्योंकि उन देशों के व्यापारिक संबंध हैं. विदेश नीति में धार्मिक मसले काम नहीं आते हैं. 

    साथ ही साथ उन्होंने ये भी कहा कि वह जल्द ही यूएई जाएंगे और वहां के विदेश मंत्री से मुलाकात करेंगे और जम्मू-कश्मीर के हालात के बारे में बताएंगे. हालांकि, पाकिस्तान को ये भी याद रखना चाहिए कि UAE पहले ही अनुच्छेद 370 के मसले को भारत का आंतरिक मामला बता चुका है. ऐसे में पाकिस्तान को वहां से पहले ही झटका लग चुका है. 

    आपको बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भारत और यूएई के बीच संबंधों को बेहतर बनाने के लिए वहां के सर्वोच्च सम्मान 'ऑर्डर ऑफ जायद' से नवाज़ा गया है. इसके अलावा बहरीन ने भी पीएम मोदी को हाल ही के दौरे पर सम्मानित किया है.

    Modi government 2.0: 49 officers fall in three months, forcibly retire

    मोदी सरकार 2.0 में भ्रष्टाचार में घिरे अफसरों पर लगातार कार्रवाई हो रही है. 30 मई को दूसरी बार सरकार बनने से अब तक ऐसे अफसरों के खिलाफ कार्रवाई की तीन सूची जारी हो चुकी है. 


    मोदी सरकार दूसरे कार्यकाल में भ्रष्ट और काम से जी चुराने वाले अफसरों पर लगातार एक्शन मोड में है. चुनाव के दौरान पीएम मोदी ने नारा दिया था-न खाऊंगा और न खाने दूंगा. अब इस नारे को सरकार चरितार्थ करते हुए दागी छवि वाले अफसरों को सेवा से बाहर कर रही है. 

    मोदी सरकार 2.0 के तीन महीने का कार्यकाल अभी पूरा नहीं हुआ है मगर 49 बड़े अफसरों को मोदी सरकार जबरन रिटायरमेंट दे चुकी है. लगभग सभी अफसर राजस्व सेवाओं से जुड़े हैं. 

    नरेंद्र मोदी सरकार ने सोमवार को केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर एवं सीमा शुल्क बोर्ड (CBIC) के 22 सीनियर अधिकारियों को जबरन रिटायर (Necessary Retirement) करने का सख्त कदम उठाया. जिन 22 अधिकारियों को रिटायर किया गया है वे सभी सुपरिटेंडेंट और एओ रैंक के थे. ये फैसला फंडामेंटल रूल 56 (J) के तहत लिया गया है. 

    इससे पहले वित्त मंत्रालय संभालने के बाद निर्मला सीतारमण ने दो बार में कुल 27 कथित भ्रष्ट अफसरों को नौकरी से निकाला था. सबसे पहले 10 जून को उन्होंने 12 आईआरएस अफसरों को डिपार्टमेंट ऑफ पर्सनल एंड एडमिनिस्ट्रेटिव रिफॉर्म्स के नियम 56 के तहत समय से पहले ही रिटायरमेंट दिया था. रिपोर्ट्स के मुताबिक इनमें से कई अफसरों पर कथित तौर पर भ्रष्टाचार, अवैध और बेहिसाब संपत्ति के अलावा यौन शोषण जैसे गंभीर आरोप थे. 

    इन 12 अधिकारियों में अशोक अग्रवाल (आईआरएस 1985), एसके श्रीवास्तव (आईआरएस 1989), होमी राजवंश (आईआरएस 1985), बीबी राजेंद्र प्रसाद, अजॉय कुमार सिंह, बी अरुलप्पा, आलोक कुमार मित्रा, चांदर सेन भारती, अंडासु रवींद्र, विवेक बत्रा, स्वेताभ सुमन और राम कुमार भार्गव शामिल रहे. इस कार्रवाई के एक हफ्ते बाद ही 18 जून को वित्त मंत्रालय ने कस्टम व सेंट्रल एक्साइज के 15 अफसरों को अनिवार्य सेवानिवृत्ति दी थी. इन अफसरों में प्रिंसिपल कमिश्नर से लेकर असिस्टेंट कमिश्नर स्तर के अफसर शामिल थे. 

    • पांच साल में 312 अफसर-कर्मियों पर गिरी गाज 

    मोदी सरकार ने जुलाई में लोकसभा में एक सवाल के जवाब में बताया था कि 2014 से 2019 के बीच 312 अधिकारियों-कर्मचारियों को काम में लापरवाही बरतने के आरोप में जबरन रिटायर किया गया. इसमें ज्वाइंट सेक्रेटरी से ग्रुप बी तक के अधिकारी शामिल रहे. सरकार ने बताया ता कि ग्रुप बी के 187 कर्मचारियों को हटाया गया है, वहीं ग्रुप ए के 125 अफसर जबरन रिटायर किए गए. सरकार ने बताया था कि जुलाई 2014 से मई 2019 तक समीक्षा के दौरान ग्रुप ए के कुल 36000 और ग्रुप बी के 82000 अफसरों का ट्रैक रिकॉर्ड देखा गया. इनमें से ग्रुप ए के 125 और ग्रुप बी के 187 अधिकारियों को सेवा से बाहर करने का फैसला हुआ. 

    • क्या है फंडामेंटल रूल 56? 

    फंडामेंटल रूल 56 के जरिए सरकार काम में लापरवाही बरतने और गलत कार्यों में लिप्त अफसरों को सेवा से हटा सकती है. इस रूल का इस्तेमाल ऐसे स्टाफ पर होता है, जो 50 से 55 साल की उम्र के हों और 30 साल का कार्यकाल पूरा कर चुके हैं. 

    सरकार के पास यह अधिकार है कि वह ऐसे अधिकारियों को अनिर्वाय रिटायरमेंट दे सकती है. ऐसा करने के पीछे सरकार का मकसद नॉन-परफॉर्मिंग सरकारी सेवक को रिटायर करना होता है. ऐसे में सरकार यह फैसला लेती है कि कौन से अधिकारी काम के नहीं हैं. यह नियम बहुत पहले से ही प्रभावी है.