Friday, 30 August 2019

NEWSWRAP: Priyanka surrounds Modi government on GDP, read 5 big news stories on Saturday morning

कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी ने अर्थव्यवस्था को मुद्दा बनाते हुए मोदी सरकार पर बड़ा हमला किया है. प्रियंका गांधी ने कहा कि Gross domestic product विकास दर से साफ है कि अच्छे दिन का भोंपू बजाने वाली बीजेपी सरकार ने अर्थव्यवस्था की हालत पंचर कर दी है. न Gross domestic product ग्रोथ है न रुपये की मजबूती. रोजगार गायब हैं. अब तो साफ करो कि अर्थव्यवस्था को नष्ट कर देने की ये किसकी करतूत है?

प्रियंका गांधी मोदी सरकार की आर्थिक नीतियों पर उठाए सवाल

केंद्र की मोदी सरकार अर्थव्यवस्था के मोर्चे पर चारों तरफ से घिरती जा रही है. एक तरफ जहां उसे अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए जूझना पड़ रहा है वहीं सहयोगी और विपक्षी दलों के नेता भी मोदी सरकार की आर्थिक नीतियों पर सवाल खड़े कर रहे हैं. कांग्रेस के साथ ही बीजेपी नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने भी सरकार की नीतियों को कटघरे में खड़ा कर दिया है. 

पढ़ें शनिवार सुबह की 5 बड़ी खबरें. 

1. Gross domestic product गिरने पर प्रियंका गांधी बोलीं-अच्छे दिनों का भोंपू बजाने वाली सरकार ने किया पंचर 

आर्थिक मोर्चे पर मोदी सरकार को जबरदस्त झटका लगा है. विकास दर सात साल के न्यूनतम स्तर पर पहुंच चुकी है. मौजूदा वित्तीय वर्ष की पहली तिमाही में जीडीपी 5 फीसदी पर पहुंच चुकी है जबकि पिछले यह 5.8 फीसदी पर था. गिरते विकास दर को लेकर कांग्रेस ने मोदी सरकार को घेरा है और 5 फीसदी के आंकड़े पर भी सवाल उठाए हैं. 

2.धोनी पर सेलेक्टर्स का खुलासा-क्या टी-20 वर्ल्ड कप में खेलेंगे माही? 

एम.एस.के. प्रसाद की अध्यक्षता वाली सीनियर चयन समिति ने भारत के वर्ल्ड चैम्पियन कप्तान महेंद्र सिंह धोनी को दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ होने वाली तीन मैचों की टी-20 सीरीज के लिए नहीं चुना है. धोनी को टीम में न चुने जाने पर कई लोगों ने कहा कि चयनकर्ताओं ने उन्हें टीम से बाहर कर दिया, लेकिन चयन समिति के एक सदस्य ने कहा है कि पूर्व कप्तान ने अगले साल होने वाले टी-20 वर्ल्ड कप को लेकर टीम चुनने के लिए समिति को समय दिया है. 

3.कश्मीर घाटी में हालात सामान्य, पुलिस ने कहा-अफवाहों पर ध्यान न दें 

जम्मू और कश्मीर में हालात बिल्कुल शांत हैं. खासकर घाटी में हालात पुलिस के काबू में हैं. जम्मू और कश्मीर पुलिस ने ट्वीट कर इसकी जानकारी दी. पुलिस ने इसके साथ वहां के स्थानीय लोगों को शुक्रिया भी कहा. पुलिस ने कहा कि जो भी लोग फेक न्यूज फैला रहे हैं हमने उनकी पहचान कर ली है. प्रक्रिया के तहत कानूनी उपाय किए जाएंगे. शांति भंग करने के लिए बनाई गई किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें. 

4.बंगाल: लिंचिंग पर कानून बनने के बाद पहला केस, चोरी के आरोप में युवक को पीटा 

पश्चिम बंगाल विधानसभा में शुक्रवार को एक तरफ जहां मॉब लिंचिंग की घटनाओं की रोकथाम के लिए एक विधेयक पास हुआ तो वहीं दूसरी तरफ भीड़ द्वारा एक युवक की पिटाई का मामला सामने आया है. दरअसल, बंगाल के मुर्शिदाबाद में फलों की दुकान में चोरी करने के आरोप में भीड़ ने युवक की जमकर पिटाई की. 

5. NRC Rundown: असम के नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटीजन्स में ऐसे चेक करें नाम 

असम में एनआरसी यानी कि नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटीजन्स (NRC) की फाइनल लिस्ट आज प्रकाशित हो रही है. ये फाइनल लिस्ट असम एनआरसी की आधिकारिक बेवसाइट nrcassam.nic.in पर प्रकाशित होगी. आप स्थानीय एनआरसी सेवा केंद्र पर जाकर इस लिस्ट में अपना नाम चेक कर सकते हैं, इसके अलावा assam.mygov.in. पर भी आप अपने नाम की खोजबीन कर सकते हैं.

Court summons Rahul Gandhi in the case of comment on PM Modi, gave this statement

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी करने के मामले में राहुल गांधी को समन जारी किया गया है. राहुल गांधी के खिलाफ एक बीजेपी कार्यकर्ता ने कोर्ट में मानहानि का केस दायर किया था. 




राहुल गांधी को आपत्तिजनक टिप्पणी के मामले में समन 

पीएम मोदी पर की थी अपमानजनक टिप्पणी 

बीजेपी कार्यकर्ता ने दाखिल किया था मानहानि का केस 

मुंबई की एक मजिस्ट्रेट अदालत ने कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी को समन जारी किया है. कोर्ट ने भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) कार्यकर्ता महेश श्रीश्रीमाल की याचिका पर संज्ञान लेते हुए समन जारी किया है. राहुल गांधी ने एक रैली में 'चौकीदार चोर है' का नारा दिया था, जिसके बाद बीजेपी नेता ने कोर्ट का रुख किया था. 

बीजेपी कार्यकर्ता महेश ने कहा, 'प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चोर कहना गलत है. हमारे देश के बारे में लोग क्या सोचेंगे. महेश ने कहा कि जब राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आलोचना करते हुए 'कमांडर इन थीफ' के नाम से ट्वीट किया था तब भी दुख हुआ था. 

बीजेपी कार्यकर्ता ने राहुल गांधी के स्पीच की कई सीडी और न्यूज पेपर कटी भी कोर्ट में दस्तावेज के रूप में पेश किया है. कोर्ट में दिए गए एप्लीकेशन में बीजेपी कार्यकर्ता ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लाइव टीवी स्ट्रीमिंग के दौरान 'कमांडर इन थीफ' कहा है. 

राहुल गांधी का यह भाषण कई न्यूज चैनलों और अखबारों में भी प्रकाशित हुआ. इसलिए पार्थी मानहानि का मुकदमा दर्ज कराना चाहता है. इस मामले की सुनवाई करते हुए कोर्ट ने कहा था कि अदालत कहती है कि पार्टी का सदस्य होने के नाते शिकायतकर्ता कोर्ट में अपील दाखिल करने का अधिकारी है. 

कोर्ट के आदेश में कहा गया है कि कथित मानहानि से न केवल प्रधानमंत्री बल्कि बीजेपी कार्यकर्ता भी आहत हुए हैं. भारतीय दंड संहिता के धारा 500 के तहत मामले की प्रक्रिया चलाई जा रही है.

PM Modi released postage stamp in honor of 12 AYUSH experts

 राजवैद्य बृहस्पति देव त्रिगुणा, वैद्य शास्त्री शंकर दाजी पदे, हकीम मोहम्मद कबीरूद्दीन, वैद्य भास्कर विश्वनाथ गोखले, वैद्यभूषणम के राघवन थिरूमूलपाड, डॉ. केजी सक्सेना, वैद्य यादव जी त्रिकमजी आचार्य, स्वामी कुवलयानंद, हकीम मोहम्मद अब्दुल अजीज लखनवी, डॉ. दीनशॉ मेहता, महर्षि महेश योगी, तिरू टीवी संबाशिवम पिल्लई के नाम पर डाक टिकट जारी किया गया. 


प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को 12 आयुष विशेषज्ञों के नाम पर डाक टिकट जारी किया. राजवैद्य बृहस्पति देव त्रिगुणा, वैद्य शास्त्री शंकर दाजी पदे, हकीम मोहम्मद कबीरूद्दीन, वैद्य भास्कर विश्वनाथ गोखले, वैद्यभूषणम के राघवन थिरूमूलपाड, डॉ. केजी सक्सेना, वैद्य यादव जी त्रिकमजी आचार्य, स्वामी कुवलयानंद, हकीम मोहम्मद अब्दुल अजीज लखनवी, डॉ. दीनशॉ मेहता, महर्षि महेश योगी, तिरू टीवी संबाशिवम पिल्लई के नाम पर डाक टिकट जारी किया गया. 

इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, देश भर में 12,500 आयुष केंद्र बनाने का लक्ष्य है, जिनमें से 10 आयुष स्वास्थ्य और कल्याण केंद्रों का उद्घाटन आज किया गया है. हमारा उद्देश्य है कि इस वर्ष 4,000 ऐसे आयुष केंद्र स्थापित किए जाएं. 

प्रधानमंत्री ने कहा, आयुष्मान भारत योजना के तहत जितने मरीजों को अब तक मुफ्त इलाज मिला है, वो अगर इसके दायरे में ना होते तो उन्हें 12 हजार करोड़ रुपए से अधिक खर्च करने पड़ते. एक प्रकार से देश के लाखों गरीब परिवारों के 12 हजार करोड़ रुपए की बचत हुई है. 

उन्होंने कहा, प्रिवेंशन और अफोर्डबलिटी के साथ देश में इंफ्रास्ट्रक्चर पर तेजी से काम चल रहा है. 2 दिन पहले ही सरकार ने 75 नए मेडिकल कॉलेज बनाने का भी फैसला लिया है. इससे गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए सुविधाओं में बढ़ोतरी तो होगी ही, साथ ही एमबीबीएस की करीब 16 हजार सीटें बढ़ेंगी. 

प्रधानमंत्री ने कहा कि सिर्फ मॉर्डन मेडिसिन ही नहीं, आयुष की शिक्षा में भी अधिक और बेहतर प्रोफेशनल्स आएं, इसके लिए आवश्यक सुधार किए जा रहे हैं. आयुष ग्रिड का आइडिया भी प्रशंसनीय है. इससे आयुष सेक्टर से जुड़े अनेक दिक्कतों को दूर करने में मदद मिलेगी.

Chandrayaan-2 will be ahead of Chandrayaan-1, will be in fourth grade today

7 सितंबर को चंद्रयान-2 अपने पूर्वज चंद्रयान-1 से आगे निकल जाएगा. आज शाम Chandrayaan-2 को चांद की चौथी कक्षा में जाएगा. अगले 2 दिनों तक चंद्रयान इसी ऑर्बिट में चक्कर लगाता रहेगा. इसके बाद 1 सितंबर को पांचवीं कक्षा में डाला जाएगा. 

4 सितंबर को सबसे नजदीकी कक्षा में रहेगा चंद्रयान 

7 सितंबर को करेगा चांद की सतह पर सॉफ्ट लैंडिंग 

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) 30 अगस्त की शाम 6 से 7 बजे के बीच Chandrayaan-2 को चांद की चौथी कक्षा में डालेगा. इसके बाद, चंद्रयान-2 चांद के चारों तरफ 126 किमी की एपोजी (चांद से सबसे कम दूरी) और 164 किमी की पेरीजी (चांद से ज्यादा दूरी) में चक्कर लगाएगा. अगले 2 दिनों तक चंद्रयान-2 इसी ऑर्बिट में चांद का चक्कर लगाता रहेगा. इसके बाद 1 सितंबर को शाम 6 से 7 बजे के बीच पांचवीं कक्षा में डाला जाएगा. तब यह चांद के चारों तरफ 114 किमी की एपोजी और 128 किमी की पेरीजी में चक्कर लगाएगा. 

7 सितंबर को चंद्रयान-2 अपने पूर्वज चंद्रयान-1 से आगे निकल जाएगा. बता दें कि चंद्रयान-1 ऑर्बिटर चांद के चारों तरफ 100 किमी की कक्षा में चक्कर लगाता था. इस बार चंद्रयान-2 का ऑर्बिटर भी इसी कक्षा में चक्कर लगाएगा लेकिन विक्रम लैंडर और प्रज्ञान रोवर चांद के दक्षिणी ध्रुव पर लैंड करेंगे. यहीं पर चंद्रयान-2 अपने पूर्वज से आगे निकल जाएगा. 

20 अगस्त को गति कम कर चांद की कक्षा में पहुंचाया था चंद्रयान-2 को 

इसरो वैज्ञानिकों ने 20 अगस्त यानी मंगलवार को चंद्रयान-2 को चांद की पहली कक्षा में सफलतापूर्वक पहुंचाया था. इसरो वैज्ञानिकों ने मंगलवार को चंद्रयान की गति को 10.98 किमी प्रति सेकंड से घटाकर करीब 1.98 किमी प्रति सेकंड किया था. चंद्रयान-2 की गति में 90 फीसदी की कमी इसलिए की गई थी ताकि वह चांद की गुरुत्वाकर्षण शक्ति के प्रभाव में आकर चांद से न टकरा जाए. 20 अगस्त यानी मंगलवार को चांद की कक्षा में चंद्रयान-2 का प्रवेश कराना इसरो वैज्ञानिकों के लिए बेहद चुनौतीपूर्ण था. लेकिन, हमारे वैज्ञानिकों ने इसे बेहद कुशलता और सटीकता के साथ पूरा किया. 

2 सितंबर को यान से अलग हो जाएगा विक्रम लैंडर और प्रज्ञान रोवर 

चांद के चारों तरफ 4 बार कक्षाएं बदलने के बाद चंद्रयान-2 से विक्रम लैंडर बाहर निकल जाएगा. विक्रम लैंडर अपने अंदर मौजूद प्रज्ञान रोवर को लेकर चांद की तरफ बढ़ना शुरू करेगा. 

3  सितंबर को विक्रम लैंडर के सेहत की जांच की जाएगी 

4  सितंबर को विक्रम लैंडर की सेहत जांचने के लिए इसरो वैज्ञानिक 3 सेकंड के लिए उसका इंजन ऑन करेंगे और उसकी कक्षा में मामूली बदलाव करेंगे. 

7  सितंबर को चांद के सबसे नजदीक पहुंच जाएगा चंद्रयान-2 

इसरो वैज्ञानिक विक्रम लैंडर को 4 सितंबर को चांद के सबसे नजदीकी कक्षा में पहुंचाएंगे. इस कक्षा की एपोजी 35 किमी और पेरीजी 97 किमी होगी. अगले तीन दिनों तक विक्रम लैंडर इसी कक्षा में चांद का चक्कर लगाता रहेगा. इस दौरान इसरो वैज्ञानिक विक्रम लैंडर और प्रज्ञान रोवर के सेहत की जांच करते रहेंगे. 

7 सितंबर होगा सबसे चुनौतीपूर्ण, चांद पर उतरेगा विक्रम लैंडर 

1:40 बजे रात (6 और 7 सितंबर की दरम्यानी रात) - विक्रम लैंडर 35 किमी की ऊंचाई से चांद के दक्षिणी ध्रुव पर उतरना शुरू करेगा. यह इसरो वैज्ञानिकों के लिए बेहद चुनौतीपूर्ण काम होगा. 

1:55 बजे रात - विक्रम लैंडर दक्षिणी ध्रुव पर मौजूद दो क्रेटर मैंजिनस-सी और सिंपेलियस-एन के बीच मौजूद मैदान में उतरेगा. लैंडर 2 मीटर प्रति सेकंड की गति से चांद की सतह पर उतरेगा. ये 15 मिनट बेहद तनावपूर्ण होंगे. 

3.55 बजे रात - लैंडिंग के करीब 2 घंटे के बाद विक्रम लैंडर का रैंप खुलेगा. इसी के जरिए 6 पहियों वाला प्रज्ञान रोवर चांद की सतह पर उतरेगा. 

5.05 बजे सुबह - प्रज्ञान रोवर का सोलर पैनल खुलेगा. इसी सोलर पैनल के जरिए वह ऊर्जा हासिल करेगा. 

5.10 बजे सुबह - प्रज्ञान रोवर चांद की सतह पर चलना शुरू करेगा. वह एक सेंटीमीटर प्रति सेकंड की गति से चांद की सतह पर 14 दिनों तक यात्रा करेगा. इस दौरान वह 500 मीटर की दूरी तय करेगा. 

7 सितंबर को चंद्रयान-2 चांद के दक्षिणी ध्रुव पर लैंड करेगा. चंद्रयान-2 को 22 जुलाई को श्रीहरिकोटा प्रक्षेपण केंद्र से रॉकेट बाहुबली के जरिए प्र‍क्षेपित किया गया था. इससे पहले 14 अगस्त को चंद्रयान-2 को ट्रांस लूनर ऑर्बिट में डाला गया था. उम्मीद जताई जा रही है कि 7 सितंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी चंद्रयान-2 की चांद के दक्षिणी ध्रुव पर लैंडिंग को लाइव देखेंगे.

Wednesday, 28 August 2019

Assembly elections: Your own leader becomes a big challenge to BJP in front of Congress

चार राज्यों के आगामी विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के सामने अपने शक्तिशाली मुख्य विरोधी दल बीजेपी से निपटने की चुनौती तो है ही, मगर उससे भी बड़ी चुनौती अपने असंतुष्ट नेताओं से निपटने की है. 

हरियाणा, झारखंड, महाराष्ट्र और दिल्ली में होने हैं चुनाव 

चारों राज्यों में कांग्रेस का संगठन गुटबंदी का शिकार 

चुनाव में कम बचा है समय, चुनौतियों से कैसे निपटेगी कांग्रेस? 

आगामी विधानसभा चुनावों के लिए कांग्रेस के लिए मुख्य विरोधी दल बीजेपी से बड़ी चुनौती अपने नेता ही बन गए हैं. वे नेता, जो पार्टी हित को दांव पर लगाकर निजी हित साधने में जुटे हैं. विधानसभा चुनाव वाले चार राज्यों में संगठन के वरिष्ठ नेताओं के बीच जारी तनातनी और मतभेद खुलकर जाहिर हो रहे हैं. इन मतभेदों के चलते कुछ नेता पार्टी का साथ भी छोड़ रहे हैं. महाराष्ट्र में कई नेता इस्तीफा दे चुके हैं. हरियाणा, महाराष्ट्र और झारखंड में अक्टूबर में तो दिल्ली में अगले साल जनवरी से फरवरी के बीच चुनाव प्रस्तावित हैं. समय कम बचा है. ऐसे में कांग्रेस का शीर्ष नेतृत्व संगठनों में मची खींचतान से चिंतित है. 

हरियाणा: पूर्व CM और प्रदेश अध्यक्ष के बीच खिंची तलवारें 

हरियाणा में प्रदेश संगठन में जिस तरह से नेताओं के बीच टकराव हो रहा है, वह कांग्रेस के लिए सबसे ज्यादा असहज करने वाली स्थिति है. पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा और प्रदेश अध्यक्ष अशोक तंवर के बीच लगातार नूराकुश्ती जारी है. बीते 18 अगस्त को रोहतक में रैली कर हुड्डा अपनी ही पार्टी को आंख दिखा चुके हैं. रैली स्थल पर लगे बैनर-पोस्टर से सोनिया-राहुल गांधी की तस्वीरें गायब थीं. 

हुड्डा ने कांग्रेस के राह से भटक जाने की बात कही. हालांकि अटकलों को दरकिनार करते हुए हुड्डा ने अलग पार्टी बनाने की घोषणा नहीं की. उधर राज्य में पिछले छह वर्षों से पार्टी की कमान संभाल रहे अशोक तंवर भी हुड्डा की पार्टी लाइन से अलग गतिविधियों की शीर्ष नेतृत्व से शिकायत कर चुके हैं. चुनाव के मद्देनजर हुड्डा की ओर से गठित 38 सदस्यीय कमेटी पर भी प्रदेश अध्यक्ष तंवर सवाल उठा चुके हैं. दोनों नेताओं के बीच बढ़ती तल्खियां विधानसभा चुनाव में कांग्रेस पर भारी पड़ सकती हैं. 

दिल्ली में बिना कप्तान के टीम 

20 जुलाई को प्रदेश अध्यक्ष शीला दीक्षित के निधन के बाद से अब तक कांग्रेस उनका विकल्प नहीं तलाश पाई है. यह हाल तब है जब कि दिल्ली में भी विधानसभा चुनाव की सरगर्मियां बढ़ गईं हैं. अगले साल फरवरी में आम आदमी पार्टी सरकार पांच साल पूरा करने जा रही है. ऐसे में माना जा रहा है कि साल के आखिर में या फिर नए साल में जनवरी में दिल्ली में चुनाव हो सकता है. 

दिल्ली में भी कांग्रेस कई गुटों में बंटी हुई है. जिससे शीर्ष नेतृत्व को प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष के लिए सर्वमान्य चेहरा तलाशने में मुश्किल हो रही है.बताया जा रहा है कि दिल्ली प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष पद के लिए जयप्रकाश अग्रवाल, योगानंद शास्त्री, महाबल मिश्रा, अरविंदर सिंह लवली, राजेश लिलोठिया रेस में हैं. हालांकि इस पद के लिए रेस में पंजाब से कांग्रेस विधायक नवजोत सिंह सिद्धू का भी नाम सामने आ चुका है. 

महाराष्ट्र में इस्तीफे पर इस्तीफे 

हरियाणा और झारखंड के साथ महाराष्ट्र में भी अक्टूबर में विधानसभा चुनाव होने की संभावना है. मगर कांग्रेस यहां भी संकट से जूझ रही है. विधानसभा चुनावों से ठीक पहले कांग्रेस के कई नेता पार्टी छोड़ चुके हैं. हाल ही में कांग्रेस के विधायक कालिदास कोलंबकर ने पार्टी से इस्तीफा दिया था. वहीं इससे पहले विधायक राधाकृष्ण विखे पाटिल, पूर्व मंत्री अब्दुल सत्तार भी कांग्रेस छोड़ चुके हैं. चौंकाने वाली बात रही थी कि 1980 से 2014 तक लगातर नौ बार नंदुरबार सीट से सांसद रहे दिग्गज कांग्रेसी नेता माणिकराव गावित की बेटी निर्मला गावित भी कांग्रेस से इस्तीफा दे चुकी हैं. 

महाराष्ट्र में लगातार 15 वर्षों तक साझा सत्ता चलाने के बाद कांग्रेस और राकांपा ने अक्टूबर 2014 का विधानसभा चुनाव अलग-अलग लड़ा था. कांग्रेस और राकांपा ने कुल 288 विधानसभा सीटों में से क्रमश: 287 और 278 सीटों पर चुनाव लड़ा था. जबकि दोनों को क्रमशः 42 और 41 सीटें मिली थीं. वहीं बीजेपी और शिवसेना ने 122 और 63 सीटों के साथ सरकार बनाई थी.

झारखंडः कांग्रेस में बने कई पावर सेंटर 

झारखंड में संगठन के बीच मचे घमासान के चलते अजय कुमार को प्रदेश अध्यक्ष पद से इस्तीफा देना पड़ा. जिसके बाद अब जाकर पार्टी ने आदिवासी चेहरे रामेश्वर उरांव को प्रदेश अध्यक्ष बनाया है. फिर भी राज्य में कांग्रेस संगठन में सब कुछ सामान्य नहीं हो सका है. यही वजह है कि कांग्रेस को संतुलन साधने के लिए प्रदेश अध्यक्ष के साथ पांच अन्य कार्यकारी अध्यक्षों की भी नियुक्ति करनी पड़ी. जिससे राज्य में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष रामेश्वर उरांव के अधिकार सीमित हो गए हैं. माना जा रहा है कि झारखंड विधानसभा चुनाव में संगठन के कई सेंटर होने से कांग्रेस को नुकसान उठाना पड़ सकता है.कांग्रेस ने राज्य में प्रदेश अध्यक्ष के अलावा इरफान अंसारी, कमलेश महतो, मानस सिन्हा, संजय पासवान, राजेश ठाकुर को कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष बनाया है.

Monday, 26 August 2019

First PM Modi opposes the award, then within 24 hours the senses of PAK came

पाकिस्तान को लगता है कि जम्मू-कश्मीर में जो हो रहा है उसपर दुनिया को उसका साथ देना चाहिए. खासकर UAR जैसे मुस्लिम देशों को उसके साथ खड़ा होना चाहिए और भारत की आलोचना करनी चाहिए. 

नरेंद्र मोदी को UAE के सम्मान से पाकिस्तान का हाल बेहाल (फोटो: MEA)

यूएई ने नरेंद्र मोदी को दिया 'ऑर्डर ऑफ जायद' अवॉर्ड 

पाकिस्तानी विदेश मंत्री बोले-हम UAE से करेंगे बात 

जम्मू-कश्मीर के फैसले पर UAE विदेश मंत्री को बताएगा पाकिस्तान 

सीनेट प्रमुख पहले ही रद्द कर चुके हैं दौरा 

जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 को कमजोर करने का भारत ने जो फैसला लिया है, उससे सबसे ज्यादा मिर्ची पाकिस्तान को लगी है. पाकिस्तान को ये बात हजम ही नहीं हो रही है, यही कारण है कि वो दुनिया के हर देश के आगे गुहार लगा रहा है. अभी हाल ही में संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपने देश के सर्वोच्च सम्मान 'ऑर्डर ऑफ जायद' से नवाज़ा, लेकिन पाकिस्तान को ये रास नहीं आया. पहले तो वहां के सीनेट ने UAE का विरोध करने की बात कही लेकिन कुछ ही घंटों बाद विदेश मंत्री ने UAE से बात करने को कह दिया. 

दरअसल, पाकिस्तान को लगता है कि जम्मू-कश्मीर में जो हो रहा है उसपर दुनिया को उसका साथ देना चाहिए. खासकर UAR जैसे मुस्लिम देशों को उसके साथ खड़ा होना चाहिए और भारत की आलोचना करनी चाहिए. पीएम मोदी को 'ऑर्डर ऑफ जायद' से नवाजे जाने के बाद अब पाकिस्तान UAE के सामने जम्मू-कश्मीर के मसले को उठाएगा, पाकिस्तानी विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी जल्द ही UAE के विदेश मंत्री से मुलाकात करेंगे. 

आपको बता दें कि नरेंद्र मोदी को जब UAE के क्राउन प्रिंस शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान से ये सम्मान मिला तो पाकिस्तान सीनेट के चेयरमैन सादिक संजरानी ने अपना UAE दौरा रद्द कर दिया. ये दौरा पीएम मोदी को सम्मान दिए जाने के विरोध में रद्द किया गया. उनका कहना है कि अगर वह UAE जाएंगे तो कश्मीर के लोगों को दुख पहुंचेगा. 

इसके बाद रविवार शाम को पाकिस्तानी मीडिया से बात करते हुए वहां के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने कहा कि कोई भी देश किसी भी देश के साथ संबंध रख सकता है, हम उसमें कुछ नहीं कर सकते हैं. अगर UAE या बहरीन, भारत से संबंध बनाते हैं तो ये उनका फैसला है क्योंकि उन देशों के व्यापारिक संबंध हैं. विदेश नीति में धार्मिक मसले काम नहीं आते हैं. 

साथ ही साथ उन्होंने ये भी कहा कि वह जल्द ही यूएई जाएंगे और वहां के विदेश मंत्री से मुलाकात करेंगे और जम्मू-कश्मीर के हालात के बारे में बताएंगे. हालांकि, पाकिस्तान को ये भी याद रखना चाहिए कि UAE पहले ही अनुच्छेद 370 के मसले को भारत का आंतरिक मामला बता चुका है. ऐसे में पाकिस्तान को वहां से पहले ही झटका लग चुका है. 

आपको बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भारत और यूएई के बीच संबंधों को बेहतर बनाने के लिए वहां के सर्वोच्च सम्मान 'ऑर्डर ऑफ जायद' से नवाज़ा गया है. इसके अलावा बहरीन ने भी पीएम मोदी को हाल ही के दौरे पर सम्मानित किया है.

Modi government 2.0: 49 officers fall in three months, forcibly retire

मोदी सरकार 2.0 में भ्रष्टाचार में घिरे अफसरों पर लगातार कार्रवाई हो रही है. 30 मई को दूसरी बार सरकार बनने से अब तक ऐसे अफसरों के खिलाफ कार्रवाई की तीन सूची जारी हो चुकी है. 


मोदी सरकार दूसरे कार्यकाल में भ्रष्ट और काम से जी चुराने वाले अफसरों पर लगातार एक्शन मोड में है. चुनाव के दौरान पीएम मोदी ने नारा दिया था-न खाऊंगा और न खाने दूंगा. अब इस नारे को सरकार चरितार्थ करते हुए दागी छवि वाले अफसरों को सेवा से बाहर कर रही है. 

मोदी सरकार 2.0 के तीन महीने का कार्यकाल अभी पूरा नहीं हुआ है मगर 49 बड़े अफसरों को मोदी सरकार जबरन रिटायरमेंट दे चुकी है. लगभग सभी अफसर राजस्व सेवाओं से जुड़े हैं. 

नरेंद्र मोदी सरकार ने सोमवार को केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर एवं सीमा शुल्क बोर्ड (CBIC) के 22 सीनियर अधिकारियों को जबरन रिटायर (Necessary Retirement) करने का सख्त कदम उठाया. जिन 22 अधिकारियों को रिटायर किया गया है वे सभी सुपरिटेंडेंट और एओ रैंक के थे. ये फैसला फंडामेंटल रूल 56 (J) के तहत लिया गया है. 

इससे पहले वित्त मंत्रालय संभालने के बाद निर्मला सीतारमण ने दो बार में कुल 27 कथित भ्रष्ट अफसरों को नौकरी से निकाला था. सबसे पहले 10 जून को उन्होंने 12 आईआरएस अफसरों को डिपार्टमेंट ऑफ पर्सनल एंड एडमिनिस्ट्रेटिव रिफॉर्म्स के नियम 56 के तहत समय से पहले ही रिटायरमेंट दिया था. रिपोर्ट्स के मुताबिक इनमें से कई अफसरों पर कथित तौर पर भ्रष्टाचार, अवैध और बेहिसाब संपत्ति के अलावा यौन शोषण जैसे गंभीर आरोप थे. 

इन 12 अधिकारियों में अशोक अग्रवाल (आईआरएस 1985), एसके श्रीवास्तव (आईआरएस 1989), होमी राजवंश (आईआरएस 1985), बीबी राजेंद्र प्रसाद, अजॉय कुमार सिंह, बी अरुलप्पा, आलोक कुमार मित्रा, चांदर सेन भारती, अंडासु रवींद्र, विवेक बत्रा, स्वेताभ सुमन और राम कुमार भार्गव शामिल रहे. इस कार्रवाई के एक हफ्ते बाद ही 18 जून को वित्त मंत्रालय ने कस्टम व सेंट्रल एक्साइज के 15 अफसरों को अनिवार्य सेवानिवृत्ति दी थी. इन अफसरों में प्रिंसिपल कमिश्नर से लेकर असिस्टेंट कमिश्नर स्तर के अफसर शामिल थे. 

  • पांच साल में 312 अफसर-कर्मियों पर गिरी गाज 

मोदी सरकार ने जुलाई में लोकसभा में एक सवाल के जवाब में बताया था कि 2014 से 2019 के बीच 312 अधिकारियों-कर्मचारियों को काम में लापरवाही बरतने के आरोप में जबरन रिटायर किया गया. इसमें ज्वाइंट सेक्रेटरी से ग्रुप बी तक के अधिकारी शामिल रहे. सरकार ने बताया ता कि ग्रुप बी के 187 कर्मचारियों को हटाया गया है, वहीं ग्रुप ए के 125 अफसर जबरन रिटायर किए गए. सरकार ने बताया था कि जुलाई 2014 से मई 2019 तक समीक्षा के दौरान ग्रुप ए के कुल 36000 और ग्रुप बी के 82000 अफसरों का ट्रैक रिकॉर्ड देखा गया. इनमें से ग्रुप ए के 125 और ग्रुप बी के 187 अधिकारियों को सेवा से बाहर करने का फैसला हुआ. 

  • क्या है फंडामेंटल रूल 56? 

फंडामेंटल रूल 56 के जरिए सरकार काम में लापरवाही बरतने और गलत कार्यों में लिप्त अफसरों को सेवा से हटा सकती है. इस रूल का इस्तेमाल ऐसे स्टाफ पर होता है, जो 50 से 55 साल की उम्र के हों और 30 साल का कार्यकाल पूरा कर चुके हैं. 

सरकार के पास यह अधिकार है कि वह ऐसे अधिकारियों को अनिर्वाय रिटायरमेंट दे सकती है. ऐसा करने के पीछे सरकार का मकसद नॉन-परफॉर्मिंग सरकारी सेवक को रिटायर करना होता है. ऐसे में सरकार यह फैसला लेती है कि कौन से अधिकारी काम के नहीं हैं. यह नियम बहुत पहले से ही प्रभावी है.

Arun Jaitley's choice difficult, 5 major losses to BJP due to d eath Learn to pronounce Open in Google Translate Feedback Web results FREE Hindi to English Translation - Instant English Translation www.easyhindityping.com › hindi-to-english-translation Online Hindi to English Translation Software - Official Hindi Site for Translating Hindi to English for FREE. Typing 'मैं भारत से प्यार करता हूँ' will ... You've visited this page 4 times. Last visit: 6/8/19 Google Translate https://translate.google.co.in Google's free service instantly translates words, phrases, and web pages between English and over 100 other languages. ‎Translate Community · ‎About Google Translate · ‎Translate webpages · ‎Tools Hindi to English Translation | Free Hindi to English Tranlator indiatyping.com › index.php › translations › hindi-to-english-translation In India there are near about 422 Million Hindi language speakers often they need Hindi to English Translation software. The online Hindi to English Translation ... You visited this page on 6/8/19. English to Hindi Translation - India Typing indiatyping.com › index.php › translations › english-to-hindi-translation Best English to Hindi Translation which translate, Accurate and Fast Hindi Translator, English Hindi translation software online Free, Translation Hindi Download ... Videos 13:55 हिन्दी से अंग्रेज़ी अनुवाद (Hindi to English) Exercise 6 Spoken English Guru YouTube - Apr 2, 2018 13:38 अंग्रेज़ी से हिन्दी में अनुवाद Exercise 3 । Hindi to English Spoken English Guru YouTube - Jan 16, 2018 5:38 9 English Words जो नहीं बोलने चाहिए | Rude & Polite Words in ... TsMadaan YouTube - May 9, 2016 14:17 How to translate from Hindi to English |100 % आप कर सकते है| Learn ... Sharp Career YouTube - Jul 12, 2017 23:07 70 English Words सीखने का Easy Way | Learn Vocabulary For ... TsMadaan YouTube - Nov 9, 2016 18:04 Hindi to English Translation Ex-1 | Translate into English Spoken English Guru YouTube - Jan 2, 2018 22:27 90 English Words सीखने का Simple Way | Learn Vocabulary For ... TsMadaan YouTube - Dec 29, 2016 5:57 How to Translate from English to Hindi Online on PC? [ hindi ... Sanjay Sharma G YouTube - Jan 5, 2017 11:03 Hindi to English Translation Exercise 4 | Spoken English Guru Spoken English Guru YouTube - Mar 4, 2018 10:14 अपनी English को मजेदार बनाओ – English speaking practice ... Learnex - English lessons... YouTube - Aug 5, 2017 Web results Hindi English translation online, dictionaries and resources | Lexicool https://www.lexicool.com › hindi-dictionary-translation Hindi <> English online translation. Hindi <> English dictionary, monolingual Hindi dictionary and other resources for the Hindi language. Online Hindi Converter | English Hindi Translation | Hindi Conversion hindi.changathi.com A tool for hindi translation from english to hindi powered by google. english hindi conversion site need unicode hindi font. Hindi-English dictionary - translation - bab.la https://en.bab.la › dictionary › hindi-english Search the Hindi-English dictionary for a Hindi to English translation using the text field above. To make it easier for you it is also possible to search for the Hindi ... Hindi to English Translator - Apps on Google Play https://play.google.com › store › apps › details › id=com.arkiapps.hinditoe... Rating: 4.3 - ‎991 votes - ‎Free - ‎Android - ‎Reference Translate Hindi to English and hind to english and with other various languages in the world. - Pronounce hind and english words. - Share translated words. Top stories Actress Kainaat Arora maintains balanced lifestyle Times of India·18 hours ago Sophie Turner shakes a leg with Priyanka Chopra's mother Madhu Chopra Times of India·4 hours ago Is 'Baahubali 3' on the cards? Prabhas reveals the answer Times of India·17 hours ago More for hindi to english Searches related to hindi to english hindi to english translation app hindi to english translation with hindi keyboard hindi to english translation book hindi to english sentence translation practice english to hindi transliteration hindi to english meaning translate to english hindi to english typing Page navigation 1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 Next

वाजपेयी और मोदी सरकार में मंत्री रहे अरुण जेटली के निधन से भारतीय जनता पार्टी(बीजेपी) को कई बड़े नुकसान हुए हैं. वह पार्टी में हर तरह की जिम्मेदारियां निभाने में आगे थे. 


भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के दिग्गज नेता अरुण जेटली का निधन पार्टी के लिए बड़ा नुकसान है. जेटली को पार्टी का संकटमोचक भी कहा जाता था. उन्होंने कई बार अपनी यह जिम्मेदारी बखूबी निभाई. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट कर उन्हें दिग्गज राजनीतिक बताते हुए कहा कि वह एक मुखर नेता थे,जो बौद्धिक और कानूनी क्षेत्र में दक्षता रखते थे. वहीं पार्टी अध्यक्ष और गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि अरुण जेटली के निधन से हुए नुकसान की भरपाई जल्दी नहीं हो सकती. अमित शाह ने अरुण जेटली के निधन को व्यक्तिगत नुकसान भी बताया. 

जेटली के निधन को बीजेपी के कई नेता पार्टी ही नहीं अपनी निजी क्षति के तौर पर बताते हैं. वजह कि जेटली संकट के समय नेताओं की व्यक्तिगत तौर पर भी मदद करने में आगे थे. अपने राजनीतिक करियर के दौरान अरुण जेटली बीजेपी में कई भूमिकाओं में रहे. वह पदों तक सीमित रहने की बजाए हर तरह की जिम्मेदारियां आगे बढ़कर निभाते रहे. कहा जा रहा है कि बीजेपी के लिए अरुण जेटली का विकल्प ढूंढना नामुमकिन तो नहीं मगर मुश्किल जरूर है. 

1-कौन सेट करेगा जेटली की तरह पार्टी का नैरेटिव 

अरुण जेटली ने हमेशा बीजेपी का नैरेटिव सेट किया. खुद बीजेपी नेता और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी भी इस बात को मानते हैं. नितिन गडकरी का कहना है कि अरुण जेटली ने बौद्धिकों के बीच बीजेपी का नैरेटिव सेट करने में अहम भूमिका निभाई. चुनावों के दौरान मीडिया की स्ट्रेटजी क्या होगी, यह जेटली बखूबी तय करते थे. यही नहीं, पार्टी की हर मीटिंग से पहले जितनी तैयारी अरुण जेटली करके आते थे, उतना शायद ही दूसरा नेता. अरुण जेटली जो बोलते थे, उससे पार्टी की लाइन तय होती थी. 

2-सच्चे संकट मोचक 

बीजेपी की बात हो या फिर पार्टी नेताओं की, जब भी संकट आया, उसे दूर करने के लिए अरुण जेटली सामने खड़े हो जाते थे. चाहे पार्टी के दिग्गज नेता लालकृष्ण आडवाणी को जैन हावाला कांड से उबारने का मामला हो या फिर गोधरा दंगों और इशरत जहां-सोहराबुद्दीन शेख एनकाउंटर के कानूनी पचड़े से मोदी-शाह को बाहर निकालने का. हर जगह अरुण जेटली ने अहम भूमिका निभाई. यही नहीं जब बीजेपी सरकार नीतिगत मुद्दों और सरकारी फैसलों पर घिरी तब अरुण जेटली ने जमकर बचाव किया. नोटबंदी, जीएसटी, राफेल आदि मुद्दों पर जेटली ने ब्लॉग लिखने से लेकर तमाम प्रेस कांफ्रेंस कर फैसलों का बचाव किया. 

3-कानूनी और आर्थिक परामर्शदाता 

अरुण जेटली सुप्रीम कोर्ट के दिग्गज वकील होने के नेता कानून के ज्ञाता रहे. मोदी सरकार की ओर से तैयार हर तरह के बिल की ड्राफ्टिंग में अरुण जेटली की भूमिका रहती थी. पूर्व लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन निधन पर जारी बयान में कह चुकी हैं कि कानूनी मसलों पर पार्टी जेटली से ही राय लेकर आगे बढ़ती थी. यही नहीं कानून के साथ आर्थिक मामलों में भी उनका समान अधिकार था. यही वजह है कि पीएम मोदी ने पहले कार्यकाल में उन्हें वित्तमंत्री बनाया. दूसरे कार्यकाल में भी वह वित्त मंत्री बनते. मगर स्वास्थ्य कारणों से उन्होंने 2019 के चुनाव से पहले ही राजनीति और सरकार से खुद को दूर रखने का फैसला कर लिया था. सूत्र बताते हैं कि योग्यता को देखते हुए पार्टी ने उन्हें बिना पोर्टफोलियो के भी मंत्री बनने का ऑफर दिया था. मगर जेटली को पद का लोभ नहीं रहा. 

4-बीजेपी और दूसरे दलों के बीच बने रहे सेतु 

बीजेपी और सहयोगी दलों के बीच अरसे से अरुण जेटली सेतु बने रहे. वाजपेयी-आडवाणी के दौर में बने एनडीए के प्रमुख शिल्पकारों में से एक माने जाते थे. 2019 के लोकसभा चुनाव में जब बिहार में नीतीश की जदयू, राम विलास पासवान की लोजपा और बीजेपी में सीटों का पेच फंसा तो अरुण जेटली ने ही इसे सुलझाया. खुद राम विलास पासवान कह चुके हैं कि उन्होंने बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह से कहा था कि यह काम अरुण जेटली को सौंप दीजिए, वह बखूबी करेंगे. 

कभी 90 के दशक में बीजपी राजनीतिक तौर पर अछूत पार्टी मानी जाती थी. वजह कि कांग्रेस की तुलना में बीजेपी से दूसरे राजनीतिक दल दूरियां बनाकर चलते थे. मगर वाजपेयी ने एनडीए की छतरी तले कई दलों को साथ लाकर इस धारणा को तोड़ दिया. बीजेपी को स्वीकार्यता दिलाई. बताया जाता है कि तब अरुण जेटली एनडीए के शिल्पकारों में से एक रहे. अपने उदारवादी चेहरे और जेपी आंदोलन से जुड़ाव होने की वजह से दूसरे दलों के नेताओं से अच्छे संबंधों के चलते वह एनडीए के गठन में अहम भूमिका निभाने में सफल रहे. कई बार अहम मुद्दों पर विपक्ष से भी समन्वय बनाने में अरुण जेटली बीजेपी की मदद करते रहे. 

5-कुशल रणनीतिकार, चुनाव मैनेजर 

यह अलग बात है कि अरुण जेटली हमेशा राज्यसभा के जरिए संसद जाते रहे. जिंदगी में पहली बार 2014 में अमृतसर से लोकसभा चुनाव लड़े भी तो हार गए. फिर भी वह बीजेपी के लिए कुशल चुनावी रणनीतिकार रहे. हर चुनाव में बीजेपी का मेनिफेस्टो तैयार करने में अहम भूमिका निभाते रहे. 2014 के लोकसभा चुनाव में प्रचार कैंपेन की उन्होंने कमान संभाली. उन्होंने ही 2014 में यह तय किया था कि चुनावी पोस्टरों में बीजेपी नहीं मोदी सरकार का नारा दिया जाएगा. हर पोस्टर में सिर्फ और सिर्फ मोदी छाए रहेंगे. क्योंकि बीजेपी की ओर से कराए गए आंतरिक सर्वे में जनता के बीच मोदी की अपार लोकप्रियता का पता चला था. उस वक्त जेटली ने चर्चित बयान देते हुए कहा था कि इस बार प्रधानमंत्री का चेहरा संसदीय बोर्ड नहीं देश की जनता तय करेगी. 2002 और 2008 में गुजरात और कर्नाटक राज्य का प्रभारी रहते हुए उन्होंने बीजेपी को सफलता दिलाई थी.

Sunday, 25 August 2019

Newswrap: Read 5 big news stories on Monday morning

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस वक्त फ्रांस में हैं और वहां पर जारी G-7 समिट में बतौर अतिथि हिस्सा लेने पहुंचे हैं. इस समिट से इतर हर किसी की जिस मुलाकात पर नजर है वो है नरेंद्र मोदी और डोनाल्ड ट्रंप के बीच होने वाली बैठक. दूसरी तरफ भारत ने एंटीगा टेस्ट के चौथे दिन वेस्टइंडीज को 318 रनों से मात दी और इतिहास रच दिया. वहीं ISRO Chandrayaan-2 को 28 अगस्त को चांद की तीसरी कक्षा में डालेगा. जानिए आज सुबह की 5 बड़ी खबरें. 


प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस वक्त फ्रांस में हैं और वहां पर जारी G-7 समिट में बतौर अतिथि हिस्सा लेने पहुंचे हैं. इस समिट से इतर हर किसी की जिस मुलाकात पर नजर है वो है नरेंद्र मोदी और डोनाल्ड ट्रंप के बीच होने वाली बैठक. दूसरी तरफ भारत ने एंटीगा टेस्ट के चौथे दिन वेस्टइंडीज को 318 रनों से मात दी और इतिहास रच दिया. वहीं ISRO Chandrayaan-2 को 28 अगस्त को चांद की तीसरी कक्षा में डालेगा. जानिए आज सुबह की 5 बड़ी खबरें. 

कश्मीर पर कई बार रुख बदल चुके हैं ट्रंप, G-7 में आज मोदी से मुलाकात, क्या होगी बात? 



प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस वक्त फ्रांस में हैं और वहां पर जारी G-7 समिट में बतौर अतिथि हिस्सा लेने पहुंचे हैं. इस समिट से इतर हर किसी की जिस मुलाकात पर नज़र है वो है नरेंद्र मोदी और डोनाल्ड ट्रंप के बीच होने वाली बैठक. दरअसल, बीते दिनों भारत सरकार ने जम्मू-कश्मीर पर जो फैसला लिया और उसके बाद से ही डोनाल्ड ट्रंप या अमेरिकी प्रशासन की ओर से जो बयानबाजी हुई उस बीच ये मुलाकात काफी मायने रखती है. 

G-7 में मोदी की धाक, शिंजो-ट्रूडो समेत तमाम विश्व नेताओं के साथ दिखी गर्मजोशी 


प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी G-7 समिट के लिए इस वक्त फ्रांस में हैं. तीन देशों के दौरे पर निकले प्रधानमंत्री का ये अंतिम पड़ाव है, सोमवार को होने वाली इन मुलाकातों के बीच प्रधानमंत्री का शेड्यूल काफी टाइट है. रविवार शाम प्रधानमंत्री वहां पर पहुंचे तो कई देशों के प्रमुखों ने उनका जोरदार स्वागत किया. जिस ग्रुप का भारत पक्का मेंबर नहीं है, उसके प्रमुख का इस तरह गर्मजोशी से स्वागत देखने लायक था. 

वेस्टइंडीज को मात देकर कोहली बने 'द बेस्ट', धोनी की बराबरी, गांगुली छूटे पीछे 


भारत ने एंटीगा टेस्ट के चौथे दिन वेस्टइंडीज को 318 रनों से मात दी और इतिहास रच दिया. रनों के लिहाज से टीम इंडिया की विदेशी धरती पर यह सबसे बड़ी जीत है. इससे पहले विदेशी धरती पर भारत को 304 रनों से सबसे बड़ी जीत मिली थी, जब उसने 2017 में गॉल में श्रीलंका को मात दी थी. सर विवियन रिचर्ड्स स्टेडियम में टीम इंडिया ने वेस्टइंडीज के सामने जीत के लिए 419 रनों का विशाल लक्ष्य रखा था, लेकिन कैरेबियाई टीम 100 रनों पर ढेर हो गई. 

अगले 48 घंटे Chandrayaan-2 के लिए अहम, दुनियाभर में मौजूद ISRO के 19 सेंटर्स रख रहे हैं नजर 


भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने 21 अगस्त को Chandrayaan-2 को चांद की दूसरी कक्षा में सफलतापूर्वक प्रवेश करा दिया था. आज से दो दिन बाद यानी 28 अगस्त को चंद्रयान-2 को इसे चांद की तीसरी कक्षा में डाला जाएगा. चंद्रयान-2 को चांद की तीसरी कक्षा में सुबह 5.30 से 6.30 के बीच डाला जाएगा. इसके बाद चंद्रयान-2 चांद के चारों तरफ 178 किमी की एपोजी और 1411 किमी की पेरीजी में चक्कर लगाएगा. लेकिन, क्या आपको पता है कि चांद के चारों तरफ चक्कर लगा रहे चंद्रयान-2 पर इसरो वैज्ञानिक नजर कैसे रखते हैं. 

कपिल शर्मा शो पर प्रभास ने बताया 'साहो' का मतलब 


अपकमिंग फिल्म साहो के लीड एक्टर प्रभास श्रद्धा कपूर के साथ अपनी फिल्म का प्रमोशन करने द कपिल शर्मा शो के सेट पर पहुंचे. ये एपिसोड सोनी टीवी पर रविवार रात प्रसारित किया गया. कपिल शर्मा ने प्रभास और श्रद्धा कपूर के साथ जमकर मस्ती की और उनसे तमाम दिलचस्प सवाल भी पूछे. इन्हीं सवालों के क्रम में कपिल ने प्रभास ने उनकी आने वाली फिल्म साहो के नाम का मतलब भी पूछा.

Saturday, 24 August 2019

LIVE: Arun Jaitley dies at age 66, funeral to be held tomorrow

पूर्व वित्त मंत्री अरुण जेटली का शनिवार को दिल्ली के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) में निधन हो गया है. वह लंबे समय से बीमार चल रहे थे. 


पूर्व वित्त मंत्री अरुण जेटली का शनिवार को दिल्ली के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) में निधन हो गया है. वह लंबे समय से बीमार चल रहे थे. एम्स ने एक बयान जारी कर कहा है कि वे बेहद दुख के साथ सूचित कर रहे हैं कि 24 अगस्त को 12 बजकर 7 मिनट पर माननीय सांसद अरुण जेटली अब हमारे बीच में नहीं रहे. अरुण जेटली को 9 अगस्त को एम्स में भर्ती कराया गया था. तब पूर्व वित्त मंत्री अरुण जेटली ने सांस लेने में परेशानी की शिकायत की थी, इसके बाद उन्हें एम्स में भर्ती कराया गया. यहां पर उन्हें आईसीयू में रखा गया था. पिछले सप्ताह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह स्पीकर ओम बिडला अरुण जेटली को देखने एम्स पहुंचे थे. इसी साल मई महीने में अरुण जेटली की किडनी ट्रांसप्लांट की गई थी. अरुण जेटली कैंसर का इलाज करवाने अमेरिका भी गए थे.एम्स के वरिष्ठ डॉक्टर उनका इलाज कर रहे थे. 

आज ही अरुण जेटली से मिलने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ हर्षवर्धन एम्स पहुंचे थे. अरुण जेटली के निधन की खबर सुनने के बाद गृह मंत्री अमित शाह हैदराबाद से वापस लौट रहे हैं. 

अरुण जेटली के पार्थिव शरीर को आज ही उनके ही निवास स्थान दिल्ली के 44 कैलाश कॉलोनी पर लाया जाएगा. जेटली के पार्थिव शरीर को रविवार सुबह 10 बजे पार्टी दफ्तर में लोगों के अंतिम दर्शन के लिए रखा जाएगा. रविवार को ही दोपहर 2 बजे निगम बोध घाट पर उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा. 

सेहत संबंधी समस्याओं की वजह से अरुण जेटली ने इस बार का लोकसभा चुनाव नहीं लड़ा था. मई में जेटली ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर कहा था कि स्वास्थ्य कारणों से वो नई सरकार में कोई ज़िम्मेदारी नहीं लेना चाहते हैं. जेटली ने कहा था कि 18 महीनों से वे सेहत संबंधी समस्याओं से जूझ रहे हैं जिस कारण से वह नई सरकार में कोई पद नहीं लेना चाहते हैं. अरुण जेटली का जन्म 28 दिसंबर 1952 को हुआ था. पेशे से वकील जेटली से सरकार में वित्त और रक्षा मंत्री का पद संभाला था. बीजेपी अध्यक्ष और गृह मंत्री अमित शाह ने जेटली के निधन पर गहरा शोक जताया है. अमित शाह ने कहा कि जेटली का निधन उनके लिए व्यक्तिगत क्षति है. अमित शाह ने ट्वीट किया, "अरुण जेटली जी के निधन से अत्यंत दुःखी हूं, जेटली जी का जाना मेरे लिये एक व्यक्तिगत क्षति है. उनके रूप में मैंने न सिर्फ संगठन का एक वरिष्ठ नेता खोया है बल्कि परिवार का एक ऐसा अभिन्न सदस्य भी खोया है जिनका साथ और मार्गदर्शन मुझे वर्षो तक प्राप्त होता रहा." 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अरुण जेटली के निधन पर शोक जताया है. पीएम मोदी ने कहा है कि जेटली महान राजनीतिक पुरोधा थे, और न्याय जगत की जानी-मानी हस्ती थे. पीएम ने कहा कि उन्होंने भारत की राजनीति में कई योगदान दिए, उनका निधन बेहद निराश करने वाला है. पीएम ने कहा कि उन्होंने अरुण जेटली की पत्नी संगीता और उनके बेटे रोशन से बात की है और दुख जताया है.

Modi's attack on UAE land 370, said - this article was the cause of terrorism

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) में एक इंटरव्यू में कहा कि भारत 4 दशक से सीमा पार आतंकवाद की मार झेल रहा है. भारत और यूएई का यह सामान्य हित है कि जो ताकतें मानवता के खिलाफ काम कर रही हैं और आतंकवाद को पनाह दे रही हैं, उन्हें अपनी नीतियां छोड़नी होंगी. 


पीएम बोले-4 दशकों से सीमा पार आतंकवाद की मार झेल रहा है भारत 

पीएम मोदी बोले-भारतीय अर्थव्यवस्था की जड़ें बेहद मजबूत 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) में एक इंटरव्यू में कहा कि भारत 4 दशक से सीमा पार आतंकवाद की मार झेल रहा है. भारत और यूएई का यह सामान्य हित है कि जो ताकतें मानवता के खिलाफ काम कर रही हैं और आतंकवाद को पनाह दे रही हैं, उन्हें अपनी नीतियां छोड़नी होंगी. पीएम मोदी ने खलीज टाइम्स को दिए इंटरव्यू में कहा कि हमने आतंकवाद के खिलाफ जो कदम उठाए हैं, यूएई ने उन्हें समझा है. साझा सुरक्षा को लेकर हमारा जबरदस्त सहयोग है. 

पीएम मोदी ने कहा कि जहां तक आर्टिकल 370 की बात है तो हमारे आंतरिक कदम पूरी तरह लोकतांत्रिक और पारदर्शी हैं. इन्हें जम्मू-कश्मीर का अकेलापन दूर करने के लिए लाया गया है, जिससे वह विकसित नहीं हो पाया और कुछ लोगों के हितों को उससे फायदा होता था. इस अकेलेपन के कारण कई युवा बहक गए और आतंकवाद व हिंसा का रास्ता अपना लिया. पीएम ने कहा, हम इन प्रवृत्तियों को अपने समाज में कोई पैर जमाने नहीं दे सकते और हमें पूरे देश के विकास और प्राथमिक कार्यों से विचलित कर सकते हैं. 

इंटरव्यू में पीएम मोदी से पूछा गया कि अमेरिका में अगले साल तक आर्थिक मंदी की आशंका है, जिसका बहुत बुरा असर पड़ सकता है. क्या आप मानते हैं कि भारत और यूएई की आर्थिक साझेदारी इस बुरे वक्त से पार पा जाएगी. इस संबंध में आप क्या कदम उठाना चाहते हैं? 

जवाब में मोदी ने कहा, भारतीय अर्थव्यवस्था की बुनियादी मजबूत है. अगले 5 वर्षों में हमने 5 ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी बनने का लक्ष्य रखा है. यूएई अपनी अर्थव्यवस्था में विविधता ला रहा है और अपनी ताकत के पारंपरिक क्षेत्रों से परे जा रहा है.साथ में, हमारे पास समृद्धि हासिल करने के लिए सोच, रोडमैप के साथ-साथ आकार, गति व संसाधन हैं. यह हम दोनों और दुनिया के लिए जीत की स्थिति है. हमारी अर्थव्यवस्था बढ़ती तालमेल और संयुक्त अरब अमीरात में लाखों भारतीयों की उपस्थिति का उपयोग करते हुए एक-दूसरे के पूरक हो सकते हैं.


Friday, 23 August 2019

Chhattisgarh: Succeeding security forces, 5 naxalites killed in encounter

छत्तीसगढ़ में नक्सलियों के खिलाफ सुरक्षाबलों को बड़ी कामयाबी मिली है. राज्य के नारायणपुर जिले में एनकाउंटर में सुरक्षाबलों ने 5 माओवादियों को ढेर कर दिया. इस घटना में 2 जवान भी घायल हुए हैं. 


नारायणपुर जिले में 5 नक्सली ढेर 

अबूझमाड़ के जंगलों में हुई मुठभेड़ 

सुरक्षाबलों का कॉम्बिंग ऑपरेशन जारी 

छत्तीसगढ़ में नक्सलियों के खिलाफ सुरक्षाबलों को बड़ी कामयाबी मिली है. राज्य के नारायणपुर जिले में एनकाउंटर में सुरक्षाबलों ने 5 माओवादियों को ढेर कर दिया है. इस घटना में 2 जवान भी घायल हुए हैं. समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच ये मुठभेड़ छत्तीसगढ़ अबूझमाड़ के जंगलों हुई है. सुरक्षा बलों ने इलाके को घेर लिया है और कॉम्बिंग ऑपरेशन चला रही है. सुरक्षा बलों को मदद के लिए और सहायता भेजी जा रही है. 

रिपोर्ट के मुताबिक सुरक्षाबल नारायणपुर के अबूझमाड़ जगंलों में सर्च ऑपरेशन चला रहे थे, इसी दौरान नक्सलियों ने फायरिंग शुरू कर दी. सुरक्षाबलों की जवाबी कार्रवाई में 5 नक्सली मारे गए. एनकाउंटर में दो जवान घायल हो गए हैं. प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें इलाज के लिए बड़े अस्पताल में भेज दिया गया है. 

3 अगस्त को 7 नक्सली हुए थे ढेर 

छत्तीसगढ़ में नक्सलियों के खिलाफ सुरक्षाकर्मियों का ऑपरेशन लगातार चल रहा है. अगस्त महीने के शुरुआत में ही राजनांदगांव जिले में सुरक्षाकर्मियों ने सात नक्सलियों को मार गिराया था और उनके पास से कई हथियार और गोला-बारूद बरामद किए थे. ये घटना 3 अगस्त की है. राजनांदगांव के पुलिस अधीक्षक कमललोचन कश्यप ने बताया कि मारे गए सभी नक्सली खूंखार और इनामी थे, जिनकी पहचान सुखदेव (आठ लाख रुपये), प्रमिला (पांच लाख रुपये), सीमा (पांच लाख रुपये), रितेश (पांच लाख रुपये), मीना (पांच लाख रुपये), ललिता (दो लाख रुपये) शिल्पा (दो लाख रुपये) के रूप में हुई है. 

पुलिस के मुताबिक खुफिया जानकारी के आधार पर डिस्ट्रिक्ट रिजर्व गार्ड (डीआरजी) की एक टीम नक्सल रोधी अभियान पर इलाके में निकली थी, तभी वहां मौजूद नक्सलियों ने टीम पर गोलीबारी शुरू कर दी. डीआरजी की जवाबी कार्रवाई में 7 नक्सली ढेर हो गए.

Concern in Pakistan on the advice of India's 'entry' into Afghanistan, experts said - regional imbalance will increase

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने यह कहते हुए सबको चौंका दिया कि भारत को अफगानिस्तान में इस्लामिक स्टेट के खिलाफ लड़ाई में उतरना चाहिए. अफगानिस्तान में आतंकी संगठनों से लड़ाई में भारत समेत रूस, तुर्की, इराक और पाकिस्तान को अपनी भूमिका अदा करने की जरूरत है. 

अफगानिस्तान पिछले 2 दशक से आतंकवाद से बुरी तरह से प्रभावित है (फाइल-IANS)

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के भारत समेत कई देशों को अफगानिस्तान में इस्लामिक स्टेट (IS) के खिलाफ जंग में और प्रभावकारी भूमिका निभाए जाने की सलाह दिए जाने के बाद पाकिस्तान के लिए चिंता बढ़ गई हैं. पाक के सुरक्षा विशेषज्ञ का कहना है कि पाकिस्तान अफगानिस्तान में अपने हितों की रक्षा करने में सक्षम है और भारत को हमारे हितों को नुकसान पहुंचाने नहीं दिया जाएगा. 

अमेरिका के अफगानिस्तान के मामले में भारत से बड़ी भूमिका निभाने की बात कहे जाने पर पाकिस्तान के सुरक्षा विशेषज्ञ कमर चीमा ने नाराजगी जताई और कहा कि पाकिस्तान अपने हितों की रक्षा करने में सक्षम है और इससे क्षेत्रीय असंतुलन बढ़ेगा. उन्होंने कहा कि इस्लामिक स्टेट के खिलाफ संघर्ष के लिए क्षेत्रीय संतुलन बेहद जरूरी है और इसके लिए सार्क का पुर्नगठन और मजबूत होना आवश्यक है. इसका इस्तेमाल किसी भी देश को अपने हित में नहीं करने दिया जाएगा. 

इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को यह कहते हुए सबको चौंका दिया कि भारत को अफगानिस्तान में इस्लामिक स्टेट के खिलाफ 'लड़ाई' में उतरना चाहिए. ट्रंप ने कहा कि अफगानिस्तान में आतंकी संगठनों से लड़ाई में भारत समेत रूस, तुर्की, इराक और पाकिस्तान को अपनी भूमिका अदा करने की जरूरत है. हालांकि उन्होंने शिकायती लहजे में कहा कि 7000 मील दूरी से अमेरिका अफगानिस्तान में आतंकियों के खिलाफ ऑपरेशन कर रहा है जबकि बाकी देश बिल्कुल भी सहयोग नहीं दे रहे. 

राष्ट्रपति ट्रंप अफगानिस्तान में दशकों चले युद्ध से अब अमेरिका को बाहर निकालना चाहते हैं. अमेरिकी फौज सितंबर 2001 से ही अफगानिस्तान में मौजूद रही है और अब करीब 18 साल बीत जाने के बाद अमेरिका दूसरे देशों से योगदान देने की अपील कर रहा है. 

ट्रंप ने कहा था कि सिर्फ अमेरिका ही अफगानिस्तान में आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई लड़ रहा है और 19 साल तक संघर्ष करने के बाद अब उसके वहां रूकने का काई इरादा नहीं है. उन्होंने आगे कहा कि क्या आप कोई अगले 19 साल के लिए वहां रूकना चाहते हैं, मुझे ऐसा नहीं लगता. 


ट्रंप ने इसके एक दिन पहले ही संकेत दिया था कि वह अफगानिस्तान से अमेरिकी फौज की पूरी तरह से वापसी नहीं कराएंगे लेकिन वे वहां पर 'किसी' की मौजूदगी चाहता है ताकि तालिबान फिर से अफगानिस्तान पर अपना नियंत्रण ना कर सके.

Britannia slumped after Parle, biscuit prices will be expensive

आर्थिक सुस्‍ती के दौर से गुजर रहे एफएमसीजी सेक्‍टर की दिग्‍गज कंपनी ब्रिटानिया बिस्किट के दाम बढ़ाने जा रही है. इसके अलावा कंपनी खर्च में भी कटौती कर सकती है. 

देश की मशहूर बिस्‍किट निर्माता कंपनी ब्रिटानिया इंडस्ट्रीज आने वाले दिनों में बिस्किट के दाम बढ़ाने वाली है. इसके साथ ही कंपनी खर्च में कटौती करने पर भी विचार कर रही है. ब्रिटानिया की ओर से यह बयान ऐसे समय में आया है जब एक अन्‍य बिस्किट कंपनी पारले में 10 हजार कर्मचारियों की नौकरी पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं. 

आर्थिक सुस्‍ती है जिम्‍मेदार 

ब्रिटानिया इंडस्ट्रीज के मार्केट हेड विनय सुब्रमण्यम ने बताया कि पिछले पांच-छह महीने से आर्थिक सुस्‍ती देखने को मिल रही है और जनवरी तक की अवधि आसान नहीं होने वाली है. सुब्रमण्यम ने कहा, 'तीसरी तिमाही यानी अक्‍टूबर से बिस्किट की कीमतों में कुछ वृद्धि होगी.' उन्‍होंने आगे कहा, 'उद्योग जगत में सकारात्मकता नहीं है.हम पिछले पांच-छह महीने से नरमी देख रहे हैं. अगले पांच-छह महीने भी आसान नहीं होने वाले हैं.' सुब्रमण्यम के मुताबिक कंपनी की बिक्री में भी गिरावट आई है और अब यह आधी रह गई है. उन्होंने कहा कि हम स्थिति पर निगरानी कर रहे हैं. हमें उम्‍मीद है कि कंपनी को मॉनसून का फायदा होगा. 

Parle में छंटनी का संकट 



हाल ही में मशहूर बिस्‍किट कंपनी Parle ने आने वाले दिनों में 10,000 कर्मचारियों की छंटनी के संकेत दिए हैं. Parle के कैटिगरी हेड मयंक शाह के मुताबिक यह हालात गुड्स एंड सर्विसेस टैक्‍स (जीएसटी) की वजह से बने हैं. 

दरअसल, GST लागू होने से पहले 100 रुपये प्रति किलो से कम कीमत वाले बिस्किट पर 12 फीसदी टैक्स लगाया जाता था. लेकिन सरकार ने दो साल पहले जब GST लागू किया तो सभी बिस्किटों को 18 फीसदी स्लैब में डाल दिया. मयंक शाह का कहना है कि इस वजह से बिस्किट कंपनियों को दाम बढ़ाने पड़े और बिक्री में गिरावट आ गई है. बिक्री में गिरावट की वजह से प्रोडक्‍शन कम हो रहा है. अगर यही हालात आगे भी रहे तो कंपनी कर्मचारियों की छंटनी कर सकती है.

Now RuPay card will run in UAE, the problems of Indians will be overcome

संयुक्त अरब अमीरात RuPay कार्ड पेश करने वाला पश्चिम एशिया का सबसे पहला देश बनने जा रहा है. इसके बाद खाड़ी देश में रह रहे भारतीयों की दिक्‍कतें दूर हो जाएंगी. 


खाड़ी देश संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) में रह रहे भारतीय लोगों के लिए एक अच्‍छी खबर है. दरअसल, यूएई RuPay कार्ड पेश करने वाला पश्चिम एशिया का सबसे पहला देश बनने जा रहा है. जानकारी के मुताबिक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की खाड़ी देश की यात्रा के दौरान आज यानी शुक्रवार को RuPay कार्ड पेश किया जाएगा. 

RuPay कार्ड के लॉन्‍च होने के बाद यूएई में रह रहे भारतीय लोगों की दिक्‍कतें दूर होने की उम्‍मीद हैं. बता दें कि भारत के पर्यटक और नौकरी करने वाले लोगों के लिए यूएई पसंदीदा देश माना जाता है. ऐसे में इस बात की उम्‍मीद है कि जिन लोगों के पास भारत में पहले से RuPay कार्ड है वो यूएई में भी इसे एक्‍टिव रख सकेंगे. 

यूएई में भारत के राजदूत नवदीप सिंह सूरी के मुताबिक, ''नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया और यूएई की मरकरी पेमेंट्स सर्विसेज के बीच दोनों देशों में भुगतान प्लेटफार्म के लिए टेक्नोलॉजी 'इंटरफेस' स्थापित करने संबंधी एमओयू का आदान प्रदान किया जाएगा. यहां बता दें कि RuPay कार्ड अपनी तरह का पहला भारतीय घरेलू डेबिट और क्रेडिट कार्ड भुगतान नेटवर्क है. यह कार्ड एटीएम, पीओएस उपकरणों तथा ई-कॉमर्स वेबसाइट पर काम करता है. इसकी शुरुआत साल 2012 में हुई थी. बीते दिनों पीएम नरेंद्र मोदी ने भूटान दौरे के दौरान RuPay कार्ड को लॉन्‍च किया था. भूटान के अलावा सिंगापुर में भी यह कार्ड लॉन्‍च हो चुका है. 

क्‍या होता है RuPay कार्ड 

एटीएम या डेबिड कार्ड की तरह RuPay कार्ड होता है. यह भी ठीक वैसे ही काम करता है, जैसे वीजा और मास्‍टर कार्ड काम करता है. इस कार्ड की मदद से आप एटीमएम से पैसे भी निकाल सकते हैं. इसके अलावा ऑनलाइन शॉपिंग और पेमेंट करने जैसी सुविधाएं भी मिलती हैं. इसकी सबसे खास बात यह है कि अन्‍य कार्डों की तुलना में इसकी प्रोसेसिंग फीस काफी कम होता है. पहले यह कार्ड मुख्‍य तौर पर भारत में ही होने वाले ट्रांजैक्‍शन में मदद करता था लेकिन अब यूएई, भूटान और सिंगापुर जैसे देशों में भी कार्ड काम करेगा. 

अहम है पीएम मोदी का दौरा 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की यूएई की यात्रा आर्थिक और राजनीतिक रूप से भारत के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है. इससे द्विपक्षीय संबंधों को बनाए रखने व इसे आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी. पीएम की यूएई यात्रा तेल के अलावा अन्य कई क्षेत्रों में द्विपक्षीय संबंधों को बढ़ाने का काम करेगी. इनमें सुरक्षा, आतंकवाद विरोधी सहयोग, सैन्य सहयोग व इसमें भागीदारी बढ़ाने के साथ समुद्री हित शामिल हैं.बता दें कि पीएम मोदी यूएई के अलावा बहरीन और फ्रांस के दौरे पर हैं.

Thursday, 22 August 2019

PM Modi said - France is necessary to deal with border attacks

पीएम मोदी ने कहा कि 36 राफेल विमानों में पहला विमान अगले महीने भारत को सौंपा जाएगा. फ्रांस पहला देश है जिसके साथ हमने न्यू जेनरेशन सिविल न्यूक्लियर एग्रीमेंट साइन किया है. हम दोनों देशों को आतंकवाद का सामना करना पड़ रहा है. क्रॉस बॉर्डर टेररिज्म का सामना करने में हमें फ्रांस का बहुमूल्य समर्थन और सहयोग मिला है.



प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी-7 समिट में हिस्सा लेने के लिए पहुंचे हैं फ्रांस 

36 राफेल विमानों में पहला विमान अगले महीने भारत को सौंपा जाएगा 

पीएम ने कहा-भारत और फ्रासं की दोस्ती किसी स्वार्थ पर नहीं टिकी है 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी-7 समिट में हिस्सा लेने के लिए फ्रांस पहुंचे हैं. यहां उन्होंने फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के साथ द्विपक्षीय बातचीत की. इसके बाद दोनों नेताओं ने साझा बयान दिया. इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने क्रॉस बॉर्डर टेररिज्म का मुद्दा उठाया. इसके अलावा प्रधानमंत्री ने आतंकवाद से निपटने के लिए फ्रांस का साथ भी जरूरी बताया.

पीएम मोदी ने कहा, '36 राफेल विमानों में पहला विमान अगले महीने भारत को सौंपा जाएगा. फ्रांस पहला देश है जिसके साथ हमने न्यू जेनरेशन सिविल न्यूक्लियर एग्रीमेंट साइन किया है. हम दोनों देशों को आतंकवाद और रेडिकलाइजेशन का सामना करना पड़ रहा है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारत सदियों से संस्कार और परंपरागत तरीके से प्रकृति के साथ तालमेल करके जीने के पक्ष में रहा है. प्रकृति का विनाश कभी भी मानव कल्याण के लिए लाभदायक नहीं हो सकता है. भारत और फ्रांस के बीच संबंध सैकड़ों साल पुराना है. हमारी दोस्ती किसी स्वार्थ पर नहीं टिकी है. भारत और फ्रांस ने कंधे से कंधा मिलाकर आजादी और लोकतंत्र की रक्षा की है. प्रथम विश्व युद्ध में हजारों भारतीय सैनिकों का बलिदान आज भी फ्रांस में याद किया जाता है.

पीएम मोदी ने कहा, 'आज आतंकवाद, जलवायु परिवर्तन, पर्यावरण और तकनीक के समावेशी विकास की चुनौतियों का सामना करने के लिए फ्रांस और भारत एक साथ मजबूती से खड़े हैं. हम दोनों देशों ने ठोस कदम भी उठाए हैं. 2022 में भारत की आजादी को 75 साल होंगे. हमारा लक्ष्य भारत को 5 ट्रिलियन डॉलर की इकोनॉमी बनाना है. दोनों तरफ से टूरिज्म में भी बढ़ोत्तरी हो रही है.'

इसके लिए हम राष्ट्रपति मैक्रों का धन्यवाद देते हैं.'

Know the full story of INX Media case, in which Chidambaram is trapped

पी. चिदंबरम ने पूछताछ में बताया कि उन्हें इंद्राणी और पीटर मुखर्जी से मुलाकात की कोई बात याद नहीं है. वहीं, पी. चिदंबरम के बेटे कार्ति चिदंबरम ने कहा कि उनके पिता पर गलत आरोप लगाए जा रहे हैं. आइए जानते हैं कि कौन हैं इंद्राणी और पीटर मुखर्जी और क्या लेना-देना है चिदंबरम का इस मामले से..


INX मीडिया केस में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने पूर्व वित्त मंत्री पी. चिदंबरम को गिरफ्तार कर लिया है. 30 घंटे की तलाश के बाद चिदंबरम सीबीआई और ईडी की पकड़ में बुधवार रात आए थे. रातभर चिदंबरम से सीबीआई मुख्यालय में पूछताछ की गई. सीबीआई सूत्रों की मानें तो पी. चिदंबरम पूछताछ में अफसरों को सहयोग नहीं कर रहे हैं. उनके अधिकतर जवाब टालने वाले हैं. 

पी. चिदंबरम ने पूछताछ में बताया कि उन्हें इंद्राणी और पीटर मुखर्जी से मुलाकात की कोई बात याद नहीं है. वहीं, पी. चिदंबरम के बेटे कार्ति चिदंबरम ने कहा कि उनके पिता पर गलत आरोप लगाए जा रहे हैं. ईडी ने मेरे पिता को 20 बार बुलाया और वे हर बार पेश हुए हैं. उन्होंने कभी भी इंद्राणी या पीटर मुखर्जी से मुलाकात नहीं की है. 

आइए जानते हैं कि कौन हैं इंद्राणी और पीटर मुखर्जी और क्या लेना-देना है चिदंबरम का इस मामले से... 

2007-इंद्राणी मुखर्जी और उसके पति पीटर ने आईएनएक्स मीडिया कंपनी बनाई. 

31 मई 2007 - फॉरेन इन्वेस्टमेंट प्रमोशन बोर्ड (FIPB) ने आईएनएक्स मीडिया को 4.62 करोड़ रुपए के विदेशी निवेश की अनुमति दी थी. लेकिन, आईएनएक्स मीडिया ने 305.36 करोड़ रुपए के विदेशी निवेश हासिल किए. इस राशि में से आईएनएक्स मीडिया ने गलत तरीके से 26% राशि आईएनएक्स न्यूज में लगा दिया, लेकिन बिना FIPB के अनुमति से. वित्त मंत्रालय की फाइनेंशियल इंटेलिजेंस यूनिट ने पाया कि आईएनएक्स मीडिया के पास मॉरिशस स्थित तीन कंपनियों से गलत तरीके पैसे आ रहे हैं. 

2010 - प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने आईएनएक्स मीडिया के खिलाफ फॉरेन एक्सचेंज मैनेजमेंट कानून को तोड़ने के जुर्म में केस दर्ज किया. 


2017 - सीबीआई ने केस दर्ज कर की पूछताछ 


15 मई - सीबीआई ने FIPB द्वारा आईएनएक्स मीडिया को क्लीयरेंस देने में गड़बड़ी करने के आरोप में केस दर्ज किया. आरोप था कि पी. चिदंबरम के वित्त मंत्री रहते हुए आईएनएक्स मीडिया ने 2007 में 305 करोड़ रुपए विदेश से मंगाए. 

16 जून - गृह मंत्रालय के फॉरेनर्स रीजनल रजिस्ट्रेशन ऑफिसर एंड ब्यूरो ऑफ इमीग्रेशन ने कार्ति चिदंबरम के खिलाफ लुकआउट सर्कुलर जारी किया. 

10 अगस्त-मद्रास हाईकोर्ट ने कार्ति चिदंबरम के खिलाफ जारी लुकआउट सर्कुलर पर स्टे लगा दिया. 

14 अगस्त-सुप्रीम कोर्ट ने कार्ति चिदंबरम मामले में मद्रास हाईकोर्ट के फैसले को पलट दिया. 

11 सितंबर - सीबीआई ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि उसके पास विदेशों से पैसे के लेन-देन के पर्याप्त सबूत हैं. सीबीआई ने कोर्ट को बताया कि कार्ति चिदंबरम के पास कई ऑफशोर प्रॉपर्टीज भी है. 

9 अक्टूबर - पी. चिदंबरम ने सुप्रीम कोर्ट को कहा कि भाजपा की सरकार जानबूझकर मुझसे और मेरे बेटे से राजनीतिक बदला लेने की कोशिश कर रही है. 

8 दिसंबर - कार्ति चिदंबरम एयरसेल-मैक्सिस डील मामले में सुप्रीम कोर्ट पहुंचे और सीबीआई द्वारा भेजे गए समन को चुनौती दी. 

इस मामले में कैसे किया गया पैसे का हेरफेर 

आईएनएक्स मीडिया को विदेशों से सिर्फ 4.62 करोड़ रूपए का निवेश करने की अनुमति मिली थी. लेकिन, मॉरिशस की डनअर्न इन्वेस्टमेंट, एनएसआर-पीई और न्यू वरनॉन प्रा. लिमिटेड ने 305 करोड़ रुपए का निवेश किया. फिर आईएनएक्स मीडिया ने आईएनएक्स न्यूज में बिना FIPB की अनुमति के 26 फीसदी पैसा लगाया. अब यहां एंट्री होती है चेस मैनेजमेंट सर्विसेज के निदेशक कार्ति चिदंबरम की. कार्ति FIPB से आईएनएक्स न्यूज को एप्रुवल दिलाने का भरोसा दिलाते हैं. 

2018 - कार्ति चिदंबरम का सीए गिरफ्तार हुआ 


16 फरवरी को कार्ति चिदंबरम का सीए एस.भास्कररमन गिरफ्तार किया गया. आरोप था कि वह कार्ति चिदंबरम के अवैध पैसे को देश और विदेश में सेटल करता है. 

28 फरवरी-सीबीआई ने कार्ति चिदंबरम को चेन्नई एयरपोर्ट से गिरफ्तार किया. दिल्ली हाईकोर्ट ने कार्ति को आईएनएक्स मीडिया मामले में एक दिन की पुलिस कस्टडी में भेज दिया. 

23 मार्च - पूरे 23 दिन के बाद कार्ति चिदंबरम को जमानत मिली और वे जेल से निकले. 

25 जुलाई - दिल्ली हाईकोर्ट ने पी. चिदंबरम को गिरफ्तार होने से अंतरिम राहत दी. 

11 अक्टूबर - ईडी ने कार्ति चिदंबरम की भारत, यूरोपियन संघ और स्पेन में मौजूद संपत्तियों को अटैच कर लिया. 

2019 - जब बढ़ने लगी चिदंबरम की मुसीबतें 


• 21 जून-सेंट्रल विजिलेंस कमीशन ने अनुमति मांगी कि वित्त मंत्रालय में काम करने वाले दो अधिकारियों सिंधुश्री खुल्लर और अनूप �

Imran Khan said - now there is no use to talk to India, threat of war

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने बुधवार को कहा कि अब वह भारत से बातचीत करने की अपील नहीं करेंगे. इसके साथ ही, इमरान खान ने कहा कि परमाणु शक्ति संपन्न दोनों देशों के बीच सैन्य संघर्ष का खतरा बढ़ रहा है. 


जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटने से तिलमिलाया है पाकिस्तान 

इमरान बोले-अब भारत से बातचीत का फायदा नहीं 

इमरान ने फिर दी जंग की धमकी 

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने बुधवार को कहा कि अब वह भारत से बातचीत करने की अपील नहीं करेंगे. इसके साथ ही, इमरान खान ने एक बार फिर परमाणु युद्ध की धमकी दी. 

विदेशी मीडिया को दिए एक इंटरव्यू में पाकिस्तानी पीएम ने शिकायत करते हुए कहा कि उन्होंने बार-बार बातचीत के लिए अनुरोध किया लेकिन भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नजरअंदाज कर दिया. 

कश्मीर का विशेष दर्जा खत्म करने के मोदी सरकार के फैसले के बाद से ही पाकिस्तानी पीएम इमरान खान लगातार बयानबाजी कर रहे हैं. अमेरिकी अखबार 'द न्यू यॉर्क टाइम्स' को दिए इंटरव्यू में इमरान ने कहा, "अब उनसे बात करने का कोई फायदा नहीं है. मैंने बातचीत करने की सारी कोशिशें कर लीं. दुर्भाग्य है कि अब जब मैं पीछे मुड़कर देखता हूं तो लगता है कि मेरी शांति और बातचीत की सारी कोशिशों को उन्होंने तुष्टीकरण के तौर पर लिया." 

इमरान खान ने कहा कि अब भारतीय अधिकारियों से बातचीत करने का कोई औचित्य नहीं रह गया है और अब तक किए गए सारे प्रयास बेकार साबित हुए हैं. इमरान ने कहा, अब इससे ज्यादा हम कुछ और नहीं कर सकते हैं. 

पठानकोट आतंकी हमले के बाद से ही भारत ने अपना रुख साफ कर दिया था कि जब तक पाकिस्तान आतंकवाद के खिलाफ असल में कार्रवाई नहीं करेगा, तब तक उससे कोई बातचीत नहीं होगी. हालांकि, पाकिस्तान के पीएम इमरान कई मौकों पर बातचीत की अपील कर चुके हैं. 

इमरान खान ने एक बार फिर पीएम मोदी को फासीवादी और हिंदूवादी करार देते हुए आरोप लगाया कि वह कश्मीर की मुस्लिम बहुल आबादी का सफाया कर उसे हिंदू बहुल इलाके में तब्दील कर देना चाहते हैं. 

न्यू यॉर्क टाइम्स से बातचीत करते हुए इमरान खान ने प्रोपैगैंडा फैलाते हुए कहा कि भारत कश्मीर में फर्जी ऑपरेशन भी चला सकता है जिससे पाकिस्तान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई के लिए उसे आधार मिल सके. इमरान ने कहा कि ऐसी स्थिति में पाकिस्तान भी जवाब देने के लिए मजबूर होगा. 

युद्ध की धमकी देते हुए इमरान ने कहा कि जब दो परमाणु शक्ति संपन्न आमने-सामने होंगे तो कुछ भी हो सकता है. पाकिस्तान पीएम ने कहा, 'मेरी चिंता यही है कि कश्मीर के हालात से तनाव बढ़ सकता है. दोनों देश परमाणु शक्ति संपन्न है इसलिए दुनिया को इस पर ध्यान देना चाहिए कि हम किन हालात का सामना कर रहे हैं. 

इमरान खान की आलोचना को अमेरिका में भारतीय राजदूत हर्ष वर्धन श्रृंगला ने पूरी तरह खारिज कर दिया है. उन्होंने न्यू यॉर्क टाइम्स से कहा, "हमारा यही अनुभव रहा है कि जब-जब हमने शांति की तरफ कदम आगे बढ़ाया, यह हमारे लिए बुरा साबित हुआ. हम पाकिस्तान से आतंकवाद के खिलाफ विश्वसनीय और ठोस कार्रवाई की उम्मीद करते हैं." 

पाकिस्तान के झूठे आरोपों को खारिज करते हुए राजदूत ने कहा कि कश्मीर में जनजीवन सामान्य हो रहा है. उन्होंने बताया, हालात को देखते हुए पाबंदियों में ढील दी जा रही है. स्कूल, बैंक और हॉस्पिटल खुल गए हैं. वहां पर्याप्त खाद्य भंडार है. नागरिकों की सुरक्षा के हित में सिर्फ संचार पर कुछ पाबंदियां लगाई गई हैं.


PM Narendra Modi leaves for a trip to three countries, know the full schedule

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तीन देशों में द्विपक्षीय वार्ता के लिए गुरुवार को रवाना हो गए. पीएम नरेंद्र मोदी पहले फ्रांस फिर संयुक्त अरब अमीरात (UAE) और अंत में बहरीन जाएंगे. इसके बाद पीएम मोदी जी7 समिट के लिए वापस फ्रांस लौटेंगे. 


धानमंत्री नरेंद्र मोदी तीन देशों में द्विपक्षीय वार्ता के लिए गुरुवार को रवाना हो गए. पीएम नरेंद्र मोदी पहले फ्रांस फिर संयुक्त अरब अमीरात (UAE) और अंत में बहरीन जाएंगे. इसके बाद पीएम मोदी जी7 समिट के लिए वापस फ्रांस लौटेंगे. अपनी यात्रा से पहले पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि इस यात्रा से भारत के तीन देशों के साथ रिश्ते मजबूत होंगे. पीएम नरेंद्र मोदी 22 से 26 अगस्त तक विदेशी दौरों पर रहेंगे. अपनी यात्रा शुरू होने से पहले पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि उनकी यह विजिट दोनों देशों के बीच के मजबूत रिश्ते को बयां करती है. 

22 से 23 अगस्त तक पीएम मोदी फ्रांस में द्विपक्षीय बैठकों में हिस्सा लेंगे, जिनमें फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों और प्रधानमंत्री एडवर्ड फिलिप भी शामिल होंगे. पीएम नरेंद्र मोदी भारतीय लोगों से भी रू-बरू होंगे और 1950 और 1960 में एयर इंडिया विमान दुर्घटना में मारे गए लोगों की याद में मेमोरियल भी समर्पित करेंगे. 25 से 26 अगस्त तक पीएम मोदी G7 मीटिंग का भी हिस्सा बनेंगे. 

पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारत और फ्रांस के बीच अच्छे द्विपक्षीय संबंध हैं. मुझे यकीन है कि इस दौरे से दोनों देशों के रिश्ते मजबूत होंगे जो शांति और प्रगति स्थापित करेंगे. वहीं पीएम मोदी 23 से 24 अगस्त के बीच पीएम मोदी संयुक्त अरब अमीरात (UAE) यूएई जाएंगे. यहां वह अबू धाबी के क्राउन प्रिंस शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान से मुलाकात करेंगे. 

UAE भारत का तीसरा सबसे बड़ा ट्रेड पार्टनर है और चौथा सबसे बड़ा कच्चे तेल का निर्यातक है. पीएम मोदी ने कहा कि इस यात्रा से द्विपक्षीय संबंध बेहतर होंगे. आखिर में पीएम मोदी 24 से 25 अगस्त के बीच बहरीन दौरे पर होंगे. पीएम मोदी बहरीन के राजा शेख हमद बिन ईसा, अल खलीफा और अन्य नेताओं से भी मुलाकात करेंगे.