Saturday, 7 September 2019

The whole country was waiting with PM Modi and everything changed in the last 90 seconds

इसरो के चीफ के सिवन ने कहा था, आखिरी के 15 मिनट बेहद अहम होंगे. इनमें से लगभग 13 मिनट तक सबकुछ ठीक था, लेकिन आखिरी के 90 सेकंड में जो हुआ उससे चांद पर पहुंचने का सपना अधूरा रह गया. 

इसरो के अंदर का नजारा (फोटो-DD)

चंद्रमा की सतह से महज दो किलोमीटर पहले इसरो का संपर्क टूट गया 

13 मिनट तक सबकुछ ठीक था, लेकिन 90 सेकंड में सब बदल गया 

भारत के चंद्रयान-2 मिशन के लैंडर विक्रम से चंद्रमा की सतह से महज दो किलोमीटर पहले इसरो का संपर्क टूट गया. इसरो के चीफ के सिवन ने कहा था, आखिरी के 15 मिनट बेहद अहम होंगे. इनमें से लगभग 13 मिनट तक सबकुछ ठीक था, लेकिन आखिरी के 90 सेकंड में जो हुआ उससे चांद पर सफलतापूर्वक पहुंचने का सपना अधूरा रह गया. 

पूरे देश और पूरी दुनिया को जिस पल का इंतजार था वो आ गई थी. इसरो सेंटर में वैज्ञानिकों की नजरें अलग-अलग स्क्रीन पर टिकी थीं. आखिरी 15 मिनट में पीएम मोदी और इसरो चीफ सिवन की पलकें जैसे उस स्क्रीन पर गड़ी थीं जिस पर चांद की ओर बढ़ता लैंडर विक्रम दिख रहा था. सबके चेहरों पर जबरदस्त उत्सुकता थी. देशभर से आए स्कूली बच्चे उत्साहित थे, लेकिन चांद पर लैंडर की सॉफ्ट लैंडिंग से महज चंद सेकंड पहले वैज्ञानिकों के हाव-भाव बदल गए. 

पीएम ने वैज्ञानिकों को सराहा 

सबकी नजरें पीएम मोदी पर टिक गईं. उनके चेहरे पर भी उत्सुकता दिख रही थी. आखिरकार इसरो चीफ उनके पास आए और उन्हें ब्रीफ किया. इसके बाद पीएम मोदी वैज्ञानिकों के बीच से उठकर चले गए.जाते-जाते पीएम मोदी ने वैज्ञानिकों से कहा कि जीवन में उतार-चढ़ाव आते हैं, यह कोई छोटी उपलब्धि नहीं है. . 

करीब 25 मिनट तक जबरदस्त सस्पेंस बना रहा, लेकिन वैज्ञानिकों के चेहरे पर मायूसी से संकेत मिल गया था कि सबकुछ ठीक नहीं है. आखिरकार इसरो की तरफ से बताया गया कि लैंडर से संपर्क टूट गया है. 

आखिर क्या हुआ? 

दरअसल, इसरो चीफ ने जिस आखिरी 15 मिनट को सबसे अहम बताया था उसमें ही मिशन चंद्रयान-2 के सामने आई मुश्किल का राज छिपा था. रात 1 बजकर 38 मिनट पर लैंडर विक्रम चांद की ओर बढ़ चला था. चांद पर उसकी सॉफ्ट लैंडिंग का समय रात 1 बजकर 52 मिनट और 54 सेकंड तय किया गया था. आखिरी के 90 सेकंड बचे थे और लैंडर विक्रम चांद से महज 2.1 किलोमीटर दूर रह गया था. तभी लैंडर से ग्राउंड स्टेशन का संपर्क टूट गया. इसरो ने ऐलान किया कि चांद से 2.1 किलोमीटर तक सबकुछ ठीक था, लेकिन उसके बाद लैंडर से उसका संपर्क टूट गया. 

इसरो चीफ के मन में जो बात पहले खटक रही थी वो अब उनके सामने थी. बरसों की मेहनत के बाद मनचाहा नतीजा हासिल न कर पाने वाले वैज्ञानिकों में मायूसी थी, लेकिन पीएम मोदी की हौसला अफजाई ने इस मायूसी को दूर कर दिया. हालांकि अब भी ऑर्बिटर चांद के चक्कर काट रहा है जो आने वाले वक्त में डाटा को इसरो के साथ साझा करेगा.

Every step in science is only effort and experiment, not failure: PM Modi

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि ज्ञान का अगर सबसे बड़ा शिक्षक कोई है तो वो विज्ञान है. विज्ञान में विफलता नहीं होती, केवल प्रयोग और प्रयास होते हैं. हर प्रयोग, हर प्रयास ज्ञान के नए बीज बोकर जाता है. 


वैज्ञानिकों के साथ पूरा देश खड़ा है 

चंद्रयान की यात्रा शानदार रही 

रुकावटों से हौसला कमजोर नहीं मजबूत हुआ 

चंद्र मिशन असफल होने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बेंगलुरु के इसरो सेंटर में वैज्ञानिकों का हौसला बढ़ाया. पीएम मोदी ने कहा कि परिणाम अपनी जगह हैं, लेकिन मुझे और पूरे देश को अपने वैज्ञानिकों, इंजीनियरों के प्रयासों पर गर्व है. 

पीएम मोदी ने कहा कि विज्ञान नई संभावनाओं की नींव रखकर जाता है और हमें असीम सामर्थ्य का अहसास दिलाता है. हर मुश्किल, हर संघर्ष, हर कठिनाई, हमें कुछ नया सिखाकर जाती है. पीएम मोदी ने कहा कि कुछ नए आविष्कार, नई टेक्नोलॉजी के लिए प्रेरित करती है और इसी से हमारी आगे की सफलता तय होती है. 

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि ज्ञान का अगर सबसे बड़ा शिक्षक कोई है तो वो विज्ञान है. विज्ञान में विफलता नहीं होती, केवल प्रयोग और प्रयास होते हैं. हर प्रयोग, हर प्रयास ज्ञान के नए बीज बोकर जाता है. पीएम मोदी ने कहा कि पूरे मिशन के दौरान देश अनेक बार आनंदित हुआ है, गर्व से भरा है. इस वक्त भी हमारा ऑर्बिटर पूरी शान से चंद्रमा के चक्कर लगा रहा है. 

वैज्ञानिकों की हिम्मत बढ़ाते हुए पीएम मोदी ने कहा कि अगर अपनी शुरुआती चुनौतियों, दिक्कतों से हम हार जाते तो आज इसरो दुनिया की सफल स्पेस एजेंसियों में से एक भी स्थान नहीं ले पाता. उन्होंने कहा कि चंद्रयान के सफर का आखिरी पड़ाव भले ही आशा के अनुकूल न रहा हो, लेकिन हमें ये भी याद रखना होगा कि चंद्रयान की यात्रा शानदार रही है, जानदार रही है. इसरो भी कभी न हार मानने वाली संस्कृति का जीता-जागता उदाहरण है.

Thursday, 5 September 2019

India's Chandrayaan-2 will land on the moon tonight, PM Modi will be present in ISRO Center

विक्रम लैंडर शनिवार तड़के एक से दो बजे के बीच चांद पर उतरने के लिए नीचे की ओर चलना शुरू करेगा और रात डेढ़ से ढाई बजे के बीच यह पृथ्वी के उपग्रह के दक्षिणी ध्रुव क्षेत्र में लैंड कर जाएगा. 


भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम के लिए ऐतिहासिक दिन, चांद की सतह पर उतरेगा चंद्रयान-2 

लैंडिंग के 2 घंटे बाद रोवर प्रज्ञान शुरू करेगा चांद की जमीं पर अपना सफर 

14 दिन तक वैज्ञानिक परीक्षण करेगा प्रज्ञान रोवर, चांद पर भूकंप की हलचलों का करेगा टेस्ट 

चंद्रयान-2 का विक्रम लैंडर शनिवार तड़के चांद की सतह पर उतरने के लिए तैयार है. देश-दुनिया के लोग शुक्रवार-शनिवार की दरम्यानी रात होने वाली इस 'सॉफ्ट लैंडिंग' का गवाह बनने के लिए बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं. विक्रम लैंडर की यह सॉफ्ट लैंडिंग अगर कामयाब रहती है तो रूस, अमेरिका और चीन के बाद भारत ऐसी उपलब्धि हासिल करने वाला दुनिया का चौथा देश बन जाएगा. इसके साथ ही भारत चांद के दक्षिणी ध्रुव पर पहुंचने वाला विश्व का पहला देश भी बन जाएगा. 

विक्रम लैंडर शनिवार तड़के एक से दो बजे के बीच चांद पर उतरने के लिए नीचे की ओर चलना शुरू करेगा और रात डेढ़ से ढाई बजे के बीच यह पृथ्वी के उपग्रह के दक्षिणी ध्रुव क्षेत्र में उतरेगा. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद इस लम्हे को देखने के लिए इसरो के बेंगलुरु केंद्र में मौजूद रहेंगे. उनके साथ 60-70 स्कूली बच्चे भी होंगे जो देश भर से क्विज प्रतियोगिता के जरिए चुन कर लैंडिंग का सीधा प्रसारण देखने यहां मौजूद रहेंगे. 

चांद पर उतरने की तैयारी 

बता दें, इसरो के दूसरे डी-ऑर्बिटल ऑपरेशन के बुधवार को सफलतापूर्वक होते ही भारत का पहला मून लैंडर विक्रम सात सितंबर को चांद पर उतरने के लिए तैयार है. भारतीय अंतरिक्ष एजेंसी इसरो के अनुसार, विक्रम का दूसरा डी-ऑर्बिटल ऑपरेशन बुधवार तड़के 3.42 बजे ऑनबोर्ड संचालन तंत्र का उपयोग करते हुए शुरू हुआ और नौ सेकेंड में पूरा हो गया. 

विक्रम लैंडर की कक्षा 35 किलोमीटर गुणा 101 किलोमीटर की है. इसरो ने कहा कि इस ऑपरेशन के साथ ही विक्रम के चंद्रमा की सतह पर उतरने के लिए जरूरी ऑर्बिट प्राप्त कर ली गई है. इसरो के अनुसार, विक्रम चांद के दक्षिणी ध्रुव पर सात सितंबर को तड़के डेढ़ बजे से ढाई बजे के बीच उतरेगा. 

विक्रम के चांद पर उतरते ही रोवर लैंडर उसमें से निकल आएगा और रिसर्च शुरू कर देगा, जिसके लिए उसे बनाया गया है. इसरो ने कहा कि चंद्रयान-2 ऑर्बिटर अपनी 96 किलोमीटर गुणा 125 किलोमीटर की मौजूदा कक्षा में चांद के चारों तरफ घूम रहा है और दोनों-ऑर्बिटर और लैंडर सही काम कर रहे हैं. सोमवार दोपहर को विक्रम चंद्रयान-2 से अलग हो गया था. भारत की कुल 978 करोड़ रुपये की इस परियोजना के तहत चंद्रयान-2 को भारी रॉकेट जियोसिंक्रोनस सैटेलाइट लॉन्च व्हीकल-मार्क 3 (जीएसएलवी-एमके 3) के जरिए 22 जुलाई को लॉन्च किया गया था.

100 days of Modi government 2.0: Opposition leaders go to jail, BJP is strong by breaking many leaders

मोदी सरकार 2.0 में भ्रष्टाचार में घिरे विपक्षी कांग्रेस के नेताओं पर केंद्रीय एजेंसियों ने सख्त कार्रवाई की. चिदंबरम को जहां तिहाड़ जेल जाना पड़ा है, वहीं मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में कर्नाटक के कांग्रेस नेता डीके शिवकुमार की भी गिरफ्तारी हुई. बीजेपी ने विरोधी दलों में सेंधमारी कर राज्यसभा में अपनी स्थिति भी मजबूत की है. 


मोदी सरकार 2.0 में कांग्रेस के बड़े नेताओं पर हुआ एक्शन 

विपक्षी नेताओं को तोड़ने में सफल रही बीजेपी 

सपा, टीडीपी और कांग्रेस के राज्यसभा सांसद हुए भाजपाई 

मोदी सरकार 2.0 के सौ दिन में भ्रष्टाचार के मामलों में भी कार्रवाई तेज हुई. भ्रष्टाचार में घिरे अफसरों को जहां जबरन रिटायरमेंट दिया गया तो नेताओं की भी गिरफ्तारियां हुईं. मोदी सरकार 2.0 के शुरुआती सौ दिनों में सबसे बड़ी कार्रवाई मनमोहन सरकार में गृह और वित्त मंत्री रहे पी चिदंबरम के खिलाफ हुई. आईएनएक्स मीडिया केस में जहां उन्हें तिहाड़ जेल में जाना पड़ा है. वहीं कर्नाटक के कद्दावर कांग्रेस नेता डीके शिवकुमार को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में गिरफ्तार किया. 

उधर, राज्यसभा में संख्या बल से कमजोर होने पर जब कुछ विधेयकों को पास कराने की राह में बीजेपी को रोड़ा समझ में आया तो फिर सेंधमारी शुरू हुई. बीजेपी दूसरे दलों के कई राज्यसभा सांसदों को अपने पाले में लाने में सफल रही. जो राज्यसभा सांसद न तो बीजेपी में शामिल हुए और न ही इस्तीफा दिए तो उनसे भी बातचीत कर अहम बिलों पर गुपचुप समर्थन हासिल किया. 

यही वजह रही कि आरटीआई और तीन तलाक बिल पर वोटिंग के दौरान अल्पमत में होने के बावजूद सरकार के पक्ष में ज्यादा सांसद खड़े नजर आए. विपक्ष के विरोध के बावजूद मोदी सरकार आरटीआई, तीन तलाक, UAPA सहित मनमुताबिक बिल पास कराने में सफल रही. राज्यसभा में अब बीजेपी के 78 सांसद हो चुके हैं. 

टीडीपी के 4 राज्यसभा सांसदो को तोड़ा 

राज्यसभा में संख्या बल बढ़ाने के लिए बीजेपी आंध्र प्रदेश में चंद्रबाबू नायडू की पार्टी टीडीपी के कुल छह में से चार सांसदों को तोड़ने में सफल रही. दो तिहाई सांसदों के पाला बदलने से उन पर दल बदल कानून के तहत सदस्यता रद्द होने का खतरा भी नहीं रहा. इससे ये चार सांसद अब बीजेपी के राज्यसभा सदस्य बन गए हैं. 

बीजेपी में शामिल होने वालों मेंं टीडीपी के राज्यसभा सांसद सीएम रमेश, टीजी वेंटकेश, जी मोहन राव और वाईएस चौधरी शामिल हैं. बाद में तेलुगू देशम पार्टी के वरिष्ठ नेता और प्रवक्ता लंका दिनाकर भी बीजेपी में शामिल हो गए. 

इससे पूर्व तेलगु देशम पार्टी (टीडीपी) के वरिष्ठ नेता और पूर्व विधायक अंबिका कृष्णा, कांग्रेस के पूर्व नेता और सांसद एपी अब्दुल्लाकुट्टी भी भाजपाई बने थे. भारतीय राष्ट्रीय लोक दल के राज्यसभा सांसद रामकुमार कश्यप को भी बीजेपी अपने पाले में करने में सफल रही. 

यूपी के कई नेता भी साथ आए 

मोदी सरकार 2.0 में बीजेपी उत्तर प्रदेश के विरोधी दलों के राज्यसभा सांसदों को भी अपने पाले में करने में सफल रही. समाजवादी पार्टी के तीन राज्यसभा सांसदों को बीजेपी ने तोड़ लिया. इनमें पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर के बेटे नीरज शेखर, सुरेंद्र नागर और संजय सेठ ने सपा छोड़कर बीजेपी की सदस्यता ग्रहण की. उनके राज्यसभा से इस्तीफा देने के बाद खाली हुई सीटों पर बीजेपी ने अब इन्हीं नेताओं को उम्मीदवार बनाया है. इस प्रकार यूपी की रा ज्यसभा सीटों के चुनाव के बाद बीजेपी राज्यसभा में और मजबूत होगी. 

कांग्रेस में गांधी परिवार के करीबी माने जाने वाले कांग्रेस नेता और अमेठी राजघराने के संजय सिंह भी पत्नी अमीता सिंह के साथ बीजेपी में शामिल हुए. संजय सिंह जहां कांग्रेस के राज्यसभा सांसद रहे, वहीं उनकी पत्नी यूपी सरकार में मंत्री रह चुकी हैं. गांधी परिवार के वफादारों में गिने जाने वाले संजय सिंह काफी समय से पार्टी से नाराज चल रहे थे. आखिरकार बीजेपी ने उनकी नाराजगी को भुनाते हुए अपने पाले में कर लिया.

New challan rules: Delhi traffic police personnel will check with body camera

अब ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने पर लोगों को 10 गुना तक अधिक जुर्माना भरना पड़ रहा है. इस नियम के सख्ती से पालन के लिए दिल्ली ट्रैफिक पुलिस के जवानों को ऐसे कैमरे दिए जा रहे हैं, जो उनके बॉडी पर फिट होंगे. 


ट्रैफिक नियमों को तोड़ने पर भारी जुर्माना लगाने के नए नियम का दिल्ली में काफी सख्ती से पालन किया जा रहा है. मोटर व्हीकल एक्ट में हुए संशोधन के बाद अब ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने पर लोगों को 10 गुना तक अधिक जुर्माना भरना पड़ रहा है. इस नियम के सख्ती से पालन के लिए दिल्ली ट्रैफिक पुलिस के जवानों को ऐसे कैमरे दिए जा रहे हैं, जो उनके बॉडी पर फिट होंगे. 

1 सितंबर को आधी रात 12 बजे से ही यह नियम लागू हो गया है. दिल्ली पुलिस के ज्वाइंट कमिश्नर के (ट्रैफिक) नरेंद्र सिंह बुंदेला ने कहा कि दिल्ली पुलिस ने नए मोटर व्हीकल एक्ट को सख्ती से लागू किया है. इसके लिए जवानों को 626 बॉडी वोर्न कैमरे आवंटित किए हैं, जो शरीर में लगाए जाते हैं. इसके अलावा पहले से ही एनसीआर-दिल्ली में जगह-जगह डिजिटल कैमरे, सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं ताकि ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने वाला कोई न बचे. 

गौरतलब है कि दिल्ली पुलिस ने पहले दिन ही करीब 3900 चालान किए हैं. दिल्ली पुलिस के अधिकारियों के मुताबिक 557 चालान नशे में ड्राइ‍विंग के लिए, 207 रेड लाइट जंप करने के लिए, 195 सीट बेल्ट न लगाने के लिए, 336 हेल्मेट न पहनने के लिए, 42 ओवरस्पीडिंग के लिए और 28 चालान बाइक पर तीन सवारी के लिए किए गए हैं. 

नए नियम के तहत सीट बेल्ट न लगाने पर जुर्माना 1000 रुपये कर दिया गया है. पहले ये 100 रुपए था. रेड लाइट जंप के लिए पहले जुर्माना 1000 रुपये था, अब 5000 रुपये देने होंगे. शराब पीकर गाड़ी चलाने पर पहले अपराध के लिए 6 महीने की जेल और 10,000 रुपये तक जुर्माने का प्रावधान है. जबकि दूसरी बार ये गलती करते हैं तो 2 साल तक जेल और 15,000 रुपये तक का जुर्माना लगेगा. 

बिना लाइसेंस के गाड़ी चलाने पर 500 रुपये की जगह अब 5,000 रुपये जुर्माना देना होगा. वहीं, अगर कोई नाबालिग गाड़ी चलाता है तो उसे 10,000 रुपये जुर्माना देना होगा जो पहले 500 रुपये था. इमरजेंसी वाहन को रास्ता न देने पर भी अब तक कोई जुर्माना नहीं था, लेकिन ऐसे वाहन को रास्ता न देने पर 10 हजार रुपये का जुर्माना भरना होगा. बिना हेलमेट गाड़ी चलाने पर 500 रुपये की बजाए 1000 रुपये का जुर्माना वसूला जाएगा. साथ ही 3 महीने के लिए ड्राइविंग लाइसेंस निलंबित हो सकता है. 

Rahul Gandhi's trolls on Teachers' Day, learned from political opponents

टीचर्स डे के मौके पर कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने अपने विरोधी ट्रोल ग्रुप पर तंज कसा है. राहुल गांधी ने झूठा प्रोपेगेंडा फैलाने वाले ट्रोल्स पर ट्वीट किया है. राहुल गांधी ने ट्रोल्स का शुक्रिया कहा है. 


राहुल गांधी ने टीचर्स डे पर किया ट्वीट 

झूठ फैलाने वाले ट्रोल्स पर कसा तंज 

पत्रकारों और राजनीतिक विरोधियों पर भी निशाना 

टीचर्स डे के मौके पर कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने एक व्यंग्य भरा ट्वीट किया है. इस ट्वीट के जरिए राहुल गांधी ने सोशिल मीडिया पर झूठा प्रोपेगेंडा फैलाने वाले ट्रोल्स पर तंज कसा है.

On I thank all those from whom I’ve learnt, over the years 🙏

That includes the army of social media trolls, some journalists-with-an-agenda & my political adversaries, whose vicious barbs, false propaganda & anger has taught me a lot & made me much stronger 🙏

3,432 people are talking about this
राहुल गांधी ने ट्वीट कर लिखा, 'मैं उन सभी को धन्यवाद देता हूं, जिनसे मैंने पिछले कई सालों में सीखा है. इनमें सोशल मीडिया ट्रोल्स की सेना शामिल है. इसके अलावा एजेंडा चलाने वाले कुछ पत्रकारों के साथ राजनीतिक विरोधी भी शामिल है, जो दुष्प्रचार करते हैं. इन्होंने मुझे काफी मजबूत बना दिया.' 

सोशल मीडिया पर ट्रोल्स का शिकार राहुल गांधी बाकी नेताओं की तुलना में ज्यादा हुए हैं. उनकी तस्वीरें, बयानों को अक्सर तोड़-मरोड़ कर पेश कर दिया जाता है. सोशल मीडिया पर तरह-तरह के मीम्स बनते हैं. ट्रोल्स का शिकार सिर्फ राहुल गांधी ही नहीं, बल्कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी होते हैं. आए दिन ट्रोल्स उनके खिलाफ भी ऐसे पोस्ट करते हैं जो आपत्तिजनक होते हैं. 

बता दें देश में हर साल 5 सितंबर को टीचर्स डे मनाया जाता है. इस मौके पर लोग अपने शिक्षकों को मैसेज भेजते हैं, और गिफ्ट भी देते हैं. पांच सितंबर को पूर्व राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जयंती भी आयोजित होती है. उन्हीं की याद में हर साल 5 सितंबर को शिक्षक दिवस मनाया जाता है. 

एक बार उनके कुछ विद्यार्थी और दोस्तों ने उनके जन्मदिन को सेलिब्रेट करने का मन बनाया. इस पर डॉ सर्वपल्ली ने कहा कि मेरा जन्मदिन अलग से मनाने के बजाए अगर मेरा जन्मदिन शिक्षक दिवस के रूप में मनाया जाए तो मुझे गर्व महसूस होगा. अपने जीवन में आदर्श शिक्षक रहे भारत के द्वितीय राष्ट्रपति डॉ. राधाकृष्णन का जन्म 5 सितंबर, 1888 को तमिलनाडु के तिरुतनी ग्राम में हुआ था.

Heavy rains in Mumbai canceled 20 flights, delayed 280, many aircraft stranded

छत्रपति शिवाजी महाराज इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर हर फ्लाइट में लगभग 65 मिनट की देरी देखी गई. बाहर की 76 फीसदी तक उड़ानें बारिश के कारण प्रभावित हुई हैं. 


मुंबई में भारी बारिश जारी है. भारी बारिश का असर मुंबई के एयरपोर्ट भी दिखा जहां 20 उड़ानें रद्द कर दी गईं और 280 उड़ानों में देरी हुई. बुधवार रात 11.30 बजे तक मुंबई एयरपोर्ट पर 24 विमान फंसे रहे. काफी कोशिश के बाद 10.30 और 11.10 के बीच मात्र 5 विमान अपने गंतव्य के लिए उड़ान भर सके. 

मुंबई आने वाली कुछ उड़ानों को मौसम सही नहीं होने तक रोका गया है. भारी बारिश के कारण एयरपोर्ट का पूरा ऑपरेशन प्रभावित हुआ है, इसलिए इसे दुरुस्त होने में कुछ वक्त लग सकता है. मुंबई एयरपोर्ट पर हर दिन तकरीबन 1 हजार अराइवल और डिपार्चर होते हैं. एक रिपोर्ट के मुताबिक, छत्रपति शिवाजी महाराज इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर हर फ्लाइट में लगभग 65 मिनट की देरी देखी गई. बाहर की 76 फीसदी तक उड़ानें बारिश के कारण प्रभावित हुई हैं. मुंबई आने वाली 44 फीसदी फ्लाइट में औसतन 8 मिनट की देरी दर्ज की गई है. इन सब को मिलाकर लगभग 280 उड़ानों में देरी सामने आई है. 

बता दें, भारी बारिश की वजह से मुंबई और पूरे तटीय कोंकण के इलाके जलभराव की चपेट में आ गए हैं. मौसम विभाग के मुताबिक मुंबई में औसतन 15 सेंटीमीटर की बारिश दर्ज की गई है, जबकि थाने और पालघर में लगभग 18 सेंटीमीटर और 17 सेंटीमीटर बारिश दर्ज की गई. मुंबई के कई निचले इलाकों में 6-12 इंच तक पानी भर गया है. 


बारिश के कारण यहां लोगों को काफी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है. बिगड़े हालात के मद्देनजर अब कई जगहों पर गुरुवार को स्कूल-कॉलेज बंद रहेंगे. मुंबई, थाने और कोंकण में स्कूलों की छुट्टी का ऐलान किया गया है. वहीं महाराष्ट्र के अन्य हिस्सों में स्थानीय हालात को देखते हुए जिला कलेक्टर बारिश के लिए एहतियाती कदम उठा सकते हैं. मुंबई में तेज बारिश की चेतावनी देते हुए मौसम विभाग ने जरूरत पड़ने पर ही घर से बाहर निकलने की सलाह दी है.

Wednesday, 4 September 2019

With this initiative of Delhi Metro, the journey of 60 kilometers will be decided in just 10 rupees

मेट्रो यात्रियों के साथ अन्य लोगों को भी इसकी सुविधा देने के लिए Yulu कंपनी से कॉन्ट्रैक्ट भी किया गया है. ये फैसला लेने के पीछे दिल्ली में बढ़ता प्रदूषण स्तर भी है. हालांकि अभी ये सुविधा दिल्ली के कुछ चुनिंदा मेट्रो स्टेशन पर भी उपलब्ध होगी. इसके बाद इसे पूरी दिल्ली के स्टेशन पर लागू करने की योजना बनाई गई है. 


10 रुपए में तय होगी 60 किलोमीटर की दूरी 

दिल्ली मेट्रो यात्रियों को देगी ई-बाइक्स की सुविधा 

अभी दिल्ली के चुनिंदा मेट्रो स्टेशन पर ये सुविधा मिलेगी 

दिल्ली मेट्रो ने एक नई पहल शुरू की है. अब मेट्रो से सफर करने वाले यात्रियों की परेशानी को ध्यान में रखते हुए दिल्ली मेट्रो ने 10 रुपए में ई-बाइक देने की योजना बनाई है. यानी सिर्फ 10 रुपए देकर ई-बाइक्स से 60 किलोमीटर की दूरी तय की जा सकेगी. 

मेट्रो यात्रियों के साथ अन्य लोगों को भी इसकी सुविधा देने के लिए Yulu कंपनी से कॉन्ट्रैक्ट भी किया गया है. ये फैसला लेने के पीछे दिल्ली में बढ़ता प्रदूषण स्तर भी है. हालांकि अभी ये सुविधा दिल्ली के कुछ चुनिंदा मेट्रो स्टेशन पर भी उपलब्ध होगी. इसके बाद इसे पूरी दिल्ली के स्टेशन पर लागू करने की योजना बनाई गई है. गौरतलब है कि दिल्ली में लगातार बढ़ता प्रदूषण का स्तर चिंता का विषय है और इसे नियंत्रित करने के लिए कई अहम कदम उठाए गए हैं. अब दिल्ली मेट्रो ने इस कड़ी में एक कदम आगे बढ़ाने का फैसला किया है. 

इस साल अंत तक दिल्ली के मेट्रो स्टेशन पर 5000 सुपर स्मार्ट बाइक्स होंगी, लेकिन अगले साल 2500 बाइक्स एनसीआर के मेट्रो स्टेशन पर भी इस सुविधा को देने के लिए उपलब्ध होंगी. इस बाइक को डिजाइन करने पर काफी ध्यान दिया गया है. जानकारी के मुताबिक, चोरी करने के बाद इन बाइक्स को चार्ज नहीं किया जा सकेगा. जबकि इन बाइक्स को ऐसे डिजाइन किया गया है कि अब इनकी बैटरी भी नहीं निकाली जा सकती और इन बाइक्स को सिर्फ मेट्रो स्टेशन पर ही चार्ज किया जा सकेगा. 

शुरुआत में यात्रियों को 250 रुपए अग्रिम भुगतान करना होगा जो बाद में वापस भी मिल जाएगा. इन ई-बाइक्स का सिर्फ 45 किलो वजन होगा. कम वजन होने के कारण कोई भी इन बाइक्स को आराम से चला सकता है. ई-बाइक्स को चलाने के लिए किसी ट्रेनिंग की जरूरत नहीं है. 

अभी इन स्टेशन पर उपलब्ध होगी ई-बाइक्स की सुविधा 

1. दिल्ली हाट (Delhi Haat) 

2. आइएनए (INA) 

3. जोर बाग (Zor Bagh) 

4. पटेल चौक (Patel Chowk) 

5. ब्लू लाइन के मंडी हाउस (Mandi House) 

6. प्रगति मैदान (Pragati Maidan) 

7. खान मार्केट (Khan Market) 

8. जवाहर लाल नेहरू स्टेडियम मेट्रो स्टेशन

Tuesday, 3 September 2019

Modi government will give 9296 crore bailout package to bail out IDBI Bank

IDBI बैंक को संकट से उबारने के लिए सरकार ने उसे 9,296 करोड़ रुपये का राहत पैकेज देने निर्णय लिया है. यह पूंजी सरकार और भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) द्वारा मिलकर दी जाएगी. 


IDBI बैंक को संकट से उबारने के लिए सरकार ने उसमें 9,296 करोड़ रुपये की पूंजी डालने का निर्णय लिया है. यह पूंजी सरकार और भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) द्वारा मिलकर दी जाएगी. कैबिनेट से इस प्रस्ताव को मंजूरी मिलने के बाद मंगलवार को केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने इसकी जानकारी दी. 

गौरतलब है कि बैंकिंग सेक्टर की हालत खराब है और सरकार इस पूरे सेक्टर पर गहराई से नजर रखे हुए है. सरकार को हाल में रिजर्व बैंक ने 1.76 लाख करोड़ रुपये देने का फैसला किया था, जिसके बाद ही इस बात की संभावना मजबूत हो गई थी कि सरकार परेशान चल रहे बैंकों की मदद करेगी. 

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कुछ दिनों पहले ही कहा है कि सार्वजनिक बैंकों के रीकैपिटलाइजेशन यानी नए सिरे से पूंजी डालने के लिए 70,000 करोड़ रुपये दिए जाएंगे. योजना के अनुसार IDBI बैंक को सरकार 4,553 करोड़ रुपये और एलआईसी 4,743 करोड़ रुपये देगी. 

पिछले साल ही एलआईसी ने IDBI मे 51 फीसदी की हिस्सेदारी ली है और इसमें सरकार की 49 फीसदी हिस्सेदारी है. ऐसी उम्मीद की जा रही है कि सरकार के इस कदम से आईडीबीआई बैंक की पहले साल में आय करीब 500 करोड़ रुपये बढ़ जाएगी. 

अब निजी बैंक हो चुका है IDBI 


रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने पब्‍लिक सेक्‍टर के IDBI बैंक को प्राइवेट सेक्‍टर के बैंक की कैटेगरी में रख दिया है. दरअसल, भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) ने कर्ज में डूबे IDBI बैंक को उबारने के लिए उसमें 51 फीसदी की हिस्सेदारी ली है. 

IDBI की वेबसाइट के मुताबिक उसके 1892 ब्रांच हैं जबकि 1407 सेंटर हैं.वहीं बैंक के ATM, 3705 हैं. बैंक से लाखों ग्राहक जुड़े हैं. IDBI बैंक को आरबीआई के तत्काल सुधारात्मक कार्रवाई रूपरेखा के अंतर्गत रखा गया है. यह कंपनियों को दिये जाने वाले लोन और शाखा विस्तार, वेतन वृद्धि के अलावा अन्य नियमित गतिविधियों पर रोक लगाता है.

Monday, 2 September 2019

PM Modi to be honored in America for another award, Swachh Bharat Mission

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक और पुरस्कार मिला है. बिल मेलिंडा गेट्स फाउंडेशन की तरफ से स्वच्छ भारत अभियान की शुरुआत करने के लिए पीएम मोदी को पुरस्कार से नवाजा जाएगा. अमेरिका यात्रा के दौरान उनको यह पुरस्कार प्रदान किया जाएगा. 


प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक और अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा. इस बार बिल मेलिंडा गेट्स फाउंडेशन की तरफ से स्वच्छ भारत अभियान की शुरुआत करने के लिए पीएम मोदी को पुरस्कार से नवाजा जाएगा. पीएम मोदी को अमेरिका यात्रा के दौरान यह पुरस्कार प्रदान किया जाएगा.

केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने सोमवार को ट्वीट कर इसकी जानकारी दी. जितेंद्र सिंह ने लिखा कि एक और पुरस्कार, हर भारतीय के लिए गर्व का एक और क्षण, क्योंकि पीएम मोदी की मेहनती और अभिनव पहल की वजह से दुनिया भर से तारीफ मिलती है.

इससे पहले पिछले महीने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बहरीन के सम्मान 'द किंग हमाद ऑर्डर ऑफ द रेनेसां' से नवाजा गया. बहरीन के राजा से मुलाकात के दौरान प्रधानमंत्री मोदी को सम्मानित किया गया. बहरीन जाने से पहले पीएम नरेंद्र मोदी संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) गए थे, जहां उन्हें सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार 'ऑर्डर ऑफ जायद' से नवाजा गया.

प्रधानमंत्री मोदी को अब तक मिले अंतरराष्ट्रीय सम्मान

    अगस्त 2019 में यूएई के सर्वोच्च सम्मान 'ऑर्डर ऑफ जायद' अवॉर्ड

    जून 2019 में मालदीव का 'रूल ऑफ द निशान इज्जुद्दीन' सम्मान

    अप्रैल, 2019 को रूस का सर्वोच्च नागरिक सम्मान 'सेंट एंड्रयू अवॉर्ड'

    अक्टूबर, 2018 को दक्षिण कोरिया का 'सियोल शांति' पुरस्कार, फरवरी में हासिल किया

    सितंबर 2018 में संयुक्त राष्ट्र का पर्यावरण सम्मान 'चैंपियंस ऑफ द अर्थ अवॉर्ड'

    10 फरवरी 2018 में फलस्तीन का 'ग्रैंड कॉलर ऑफ द स्टेट सम्मान'

    जून 2016 में अफगानिस्तान के सर्वोच्च नागरिक सम्मान 'आमिर अमानतुल्लाह खान अवॉर्ड'

    अप्रैल 2016 में सऊदी अरब के सर्वोच्च नागरिक सम्मान 'किंग अब्दुल अजीज सैश अवॉर्ड'

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पिछले महीने ही वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को एक पत्र लिखा, जिसमें उन्होंने फरवीर में सियोल शांति पुरस्कार से नवाजे जाने के दौरान मिली 1.30 करोड़ रुपये की राशि पर लगने वाले टैक्स माफी के आदेश को निरस्त करने का अनुरोध किया था. उन्होंने पत्र में लिखा कि पुरस्कार के रूप में मिली धन राशि पर दी गई छूट पर पुनर्विचार किया जाए.

    Sunday, 1 September 2019

    Today, PM Modi will inaugurate Gujarat Bhawan built in front of Congress headquarters

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज दिल्ली में गुजरात भवन का उद्घाटन करेंगे. कांग्रेस मुख्यालय के सामने बना नया गुजरात भवन सात मंजिला है और इसका नाम गरवी गुजरात भवन रखा गया है. 




    दो साल पहले गुजरात के सीएम विजय रुपाणी ने रखी थी इसकी नींव 

    इस नव निर्मित भवन में एक बार में 2000 लोगों के बैठने की व्यवस्था 

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज दिल्ली में गुजरात भवन का उद्घाटन करेंगे. कांग्रेस मुख्यालय के सामने बना नया गुजरात भवन सात मंजिला है और इसका नाम गरवी गुजरात भवन रखा गया है. 

    कांग्रेस मुख्यालय 24 अकबर रोड पर स्थित है, जबकि नया गुजरात भवन 25 बी अकबर रोड पर बना है. दो साल पहले गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रुपाणी ने इसकी नींव रखी थी और आज पीएम मोदी शुभारंभ करेंगे. इस भवन के अंदर 79 कमरों के साथ वीआइपी लाउंज, पब्लिक लाउंज और मल्टीपरपज हॉल बनाए गए हैं, जिसमें एक बार में 2000 लोगों के बैठने की व्यवस्था है. 

    बता दें कि 25-बी अकबर रोड स्थित बने गरवी गुजरात भवन का निर्माण अत्याधुनिक तरीके से किया गया है. इस आधुनिक भवन में इको-फ्रेंडली सुविधाएं उपलब्ध होंगी. सात हजार वर्ग मीटर क्षेत्र में बने इस भवन के निर्माण के लिए 131 करोड़ रुपये आवंटिक किए गए थे लेकिन उससे कम खर्च में ही इसका निर्माण पूरा हो गया है. 

    नए गुजरात भवन की इमारत आधुनिकता और परंपरा पर आधारित है. गुजराती परंपरा को दुनियाभर के लोग जानते हैं. इसी के मद्देनजर नए गुजरात भवन की बिल्डिंग का डिजाइन भी गुजरात की ट्रेडिशन और आधुनिकता से मिलाजुला है. इस सात मंजिला इमारत का डिजाइन काफी सुंदर बनाया गया है. इस भवन में हरियाली और वाटर हार्वेस्टिंग का पूरा ध्यान रखा गया है.